कांग्रेसी कार्यकर्ताओं ने किया था राष्ट्रपति के बेटे पर हमला

उन्होंने पूरी घटना की जानकारी सात सितंबर को कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी को दी। उन्होंने हमले की जांच कराने और दोषियों को सजा देने के साथ ही उनको तत्काल प्रभाव से पार्टी से बाहर निकालने की मांग की है। उन्होंने मीडिया वार्ता के दौरान कहा कि 6 सितंबर को अभिजीत अगरतला से लगभग 35 किलोमीटर दूर बामुतिया इलाके के कालीबाजार में एक लाइब्रेरी का उद्घाटन करने गए थे।
इस लाइब्रेरी का नाम राज्य के पहले मुख्यमंत्री सचिंद्र लाल सिंन्हा के नाम पर रखा गया है। जब वह वहां से लौट रहे थे, रास्ते में कुछ कांग्रेस कार्यकर्ताओं और समर्थकों ने उन्हें रोककर सड़क किनारे स्थित कांग्रेस दफ्तर देखने का अनुरोध किया। अभिजीत जब गाड़ी से उतरे, तभी लोगों ने उनका कॉलर पकड़ लिया और उनको घसीटते हुए दफ्तर के अंदर ले गए। वहां उनके साथ मार-पीट की गई।
भौमिक ने कहा कि उस समय मैं भी साथ में था, लेकिन हमला करने वालों का विरोध नहीं कर सका। हमलावरों की संख्या काफी ज्यादा थी। हमला के बाद काग्रेस कार्यकर्ता और समर्थक कह रहे थे कि अभिजीत पार्टी प्रदेश अध्यक्ष सुदीप राय से पूछे बिना त्रिपुरा क्यों आए। इस घटना ने कांग्रेसी एकता को झकझोर कर रख दिया है।












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