गोरखपुर परमाणु संयंत्र कार्य का शुभारम्भ कल

बैठक में लोक निर्माण विभाग के मुख्य संसदीय सचिव प्रहलाद सिंह गिल्लाखेड़ा, एनपीसीआईएल के चीफ प्रोजेक्ट इंजीनियर टी आर अरोड़ा, चीफ प्रोजेक्ट मैनेजर एस के गोमास्ता, उपमण्डलाधीश बलजीत सिंह, जिला राजस्व अधिकारी रामसिंह बिश्रोई, डीएसपी शमशेर सिंह, गोरखपुर के किसान नरेन्द्र सिंह, सतपाल ङ्क्षसह, कश्मीर ङ्क्षसह, सत्यवान, जितेन्द्र, सुरेश कुमार, अनिल कुमार, राजाराम व रणधीर उपस्थित थे।
बैठक में लोक निर्माण विभाग के मुख्य संसदीय सचिव प्रहलाद सिंह गिल्लाखेड़ा ने कहा कि गांव गोरखपुर के किसानों ने एक इतिहास रचा है। परमाणु संयंत्र के लिए जमीन उपलब्ध करवाकर गांव के लोग विकास में भागीदार बने हैं। उन्होंने किसानों को आश्वासन दिया कि उनकी जो भी गांव के विकास से जुड़ी मांग है, उसे जिला प्रशासन, एनपीसीआईएल तथा प्रदेश सरकार द्वारा पूरा किया जाएगा। गांव में सभी आधुनिक सुविधाएं उपलब्ध करवाई जायेंगी। युवाओं को बेहतर रोजगार उपलब्ध करवाया जायेंगे।
गोरखपुर में लगने वाले परमाणु बिजली संयंत्र के लिए जमीन अधिग्रहण का मुआवजा ज्यादातर किसान ले चुके हैं। अब तक 838 किसान अपनी 1337.37 एकड़ भूमि की एवज में 410.99 करोड़ रुपये की धनराशि मुआवजे के रूप में प्राप्त कर चुके है। उन्होंने बताया कि गांव गोरखपुर के 689 किसान 1210.84 एकड़ भूमि की एवज में 372.10 करोड़ रुपये की धनराशि मुआवजा के रूप में ले चुके है।
इसी प्रकार, गांव बडोपल के 122 किसानों की 122.29 एकड़ से अधिक भूमि के एवज में 37 करोड़ 58 लाख 21 हजार 723 रुपये और गांव काजलहेड़ी के 27 किसानों ने 4.24 एकड़ भूमि के एवज में 1 करोड़ 30 लाख 41 हजार 627 रुपये की मुआवजा राशि प्राप्त कर चुके है। अब परमाणु संयंत्र के विधिवत कार्य के शुभारम्भ के लिए 6 सितम्बर को गांव बड़ोपल के पास किया जाएगा, जिसमें एनपीसीआईएल के अधिकारी सहित जिला के वरिष्ठ अधिकारी व गोरखपुर के किसान मौजूद रहेंगे।
कल से एनपीसीआईएल द्वारा प्लांट का विधिवत कार्य शुरू हो जाएगा, जिसमें प्रथम चरण में डीबीएम जियो टैक्नीक मुम्बई द्वारा टोपोग्राफ्रिक सर्वे व सॉयल स्टडिज का कार्य होगा। इसके साथ साथ 10 सितम्बर से किसानों के ट्यूबवैल, ढाणी, कच्चा मकान, नलका, पेड़, बाग व भूमिगत पाईप लाईन के सर्वे का कार्य आरम्भ हो जाएगा जिसके लिए टीम गठित की गई हैं, जिसमें उपमण्डलाधीश, लोक निर्माण के अधीक्षक अभियंता, तहसीलदार, डीडीए, डीएफओ और जिला बागवानी अधिकारी को शामिल किया गया है। यह टीम 25 सितम्बर तक अपनी रिपोर्ट तैयार करके प्रशासन को सौंपेगी और किसानों को जल्दी से जल्दी मुआवजा उपलब्ध करवा दिया जाएगा।
उन्होंने कहा कि गांव गोरखपुर को आदर्श गांव बनाने के लिए ग्राम पंचायत व किसानों द्वारा रखी गई सभी मांगो को जल्दी से जल्दी लागू किया जाएगा। इसके इलावा गांव में अन्य सुविधाएं उपलब्ध करवाने के लिए अधिकारियों को निर्देश दिए गए है। इस योजना के अंतर्गत ना केवल गोरखपुर बल्कि आसपास के गांवों में विकास के कार्य करवाये जाएंगे। ढाणी, ट्यूबवैल आदि की सर्वे रिपोर्ट आते ही किसानों को मुआवजा राशि उपलब्ध करवा दी जाएगी। गांव में बच्चों के लिए अच्छी तकनीकी शिक्षा, स्वास्थ्य के लिए आधुनिक अस्पताल, पशुओं के लिए पशु अस्पताल, महिला कल्याण, स्ट्रीट लाईट, आधुनिक पार्क, गंदे पानी की निकासी, पक्की गलियां सहित अन्य कार्यों की विस्तृत योजना बनाई जा रही है और जल्द ही इस पर कार्य भी आरम्भ हो जाएगा।












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