पूर्व मंत्री व सीपीएस पर हत्या के केस की सीबीआई जांच

इस पर जस्टिस महेश ग्रोवर ने असंतोष जताते हुए मामला सीबीआई के हवाले कर दिया। इससे पहले हरियाणा पुलिस ने आरोपी पूर्व सीपीएस जिले राम शर्मा व पूर्व मंत्री ओम प्रकाश जैन को क्लीन चिट दे दी थी। वहीं याची के वकील ने अदालत में कहा कि क्या कोई पेट में 58 इंजेक्शन लेकर आत्महत्या करेगा। जिस तरीके से यह हत्या हुई है उसे आत्महत्या बनाने का प्रयास किया जा रहा है। मामले में गवाह चमेल सिंह की हत्या कर दी गई है और उसके पुत्र को सरकारी नौकरी दिलवाई जा रही है। अभी तक उसकी नियुक्ति नहीं की गई है।
घूस लेकर नौकरी न दिलाने का आरोप
पूर्व सरपंच के पुत्र राजेंद्र की याचिका में कहा गया कि विधायक व पूर्व परिवहन मंत्री ओमप्रकाश जैन ने उसके भतीजे संदीप को क्लर्क भर्ती कराने को पांच और उसे कंडक्टर भर्ती करने के लिए छह लाख लिए थे। पुलिस में उनके एक अन्य रिश्तेदार को भर्ती कराने के लिए उस समय मुख्य संसदीय सचिव व वर्तमान विधायक जिले राम शर्मा ने पांच लाख लिए थे। उन्हें न तो नौकरी दिलवाई गई और न ही राशि वापस लौटाई गई।
उनके पिता कर्म सिंह ने इसकी शिकायत मुख्यमंत्री, करनाल व पानीपत के एसपी व डीसी को पत्र लिखकर की थी। उक्तदोनों के इशारे पर उनके पिता की हत्या कर दी गई। गौरतलब है कि इस मामले में नाम आने पर जैन व शर्मा ने अपने पद से त्यागपत्र दे दिया था। उधर, राजेंद्र का कहना है कि अब उन्हें न्याय की आस हो गई है।












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