'मुख्यमंत्री बनने का ख्वाब देख रहे हैं शिवपाल'

विधानसभा में नेता विरोधी दल स्वामी प्रसाद मौर्य और विधान परिषद में नेता विपक्ष नसीमुद्दीन सिद्दीकी ने संयुक्त रूप से यह आरोप लगाया कि वसूली के लिए अधिकारियों, उद्योगतियों और ठेकेदारों को धमकाया जा रहा है। यही नहीं सही खबर छापने या दिखाने पर मीडिया को भी नहीं बख्शा जा रहा है।
समाजवादी पार्टी के वरिष्ठ नेता व सीएम के चाचा की ओर इशारा करते हुए बसपा के दोनों वरिष्ठ नेताओं ने कहा कि कारोबारियों को मिलने वाली धमकियां लगातार बढ़ती जा रही हैं। उनका कहना है कि श्री यादव मुख्यमंत्री का ख्वाब देख रहे हैं इसीलिए वह अभियंताओं को धड़ाधड़ निलंबित कर रहे हैं। निलंबन के आगे कार्रवाई क्यों नहीं हो रही है। उन्होंने कहा कि निलम्बन केवल वसूली के लिए की जा रही है।
बसपा नेताओं ने कानून-व्यवस्था पर सवाल उठाते हुए आरोप लगाया कि हाल ही में चित्रकूट से फरार हुए 13 डकैतों को भगाने में सरकार की साजिश थी। श्री सिद्दीकी ने कहा कि फरार हुए डकैतों की समाजवादी पार्टी सांसद बाल कुमार और विधायक वीर ङ्क्षसह के सम्बन्धों की जांच होनी चाहिए। सांसद बाल कुमार कुख्यात डकैत शिवकुमार उर्फ ददुआ का भाई है जबकि वीर ङ्क्षसह ददुआ का पुत्र है।
उनका कहना था कि फरार हुए डकैत ददुआ और ठोकिया गिरोह के हैं। दोनों कुख्यात डकैतों को मायावती सरकार के दौरान उत्तर प्रदेश पुलिस की स्पेशल टास्क फोर्स(एसटीएफ) ने मार गिराया था। उन्होंने दावा किया कि इस सरकार में सिर्फ अपराधियों को ही नहीं बढ़ावा मिल रहा है बल्कि भ्रष्टाचार को भी बढ़ाया जा रहा है। सरकार के वरिष्ठ मंत्री शिवपाल सिंह यादव खुलेआम अधिकारियों को चोरी और कमीशनखोरी के लिए कह रहे हैं। जब वरिष्ठ मंत्री स्वयं ऐसा कहेगा तो भ्रष्टाचार कैसे रकेगा।
श्री सिद्दीकी ने कहा कि श्री यादव ने लोकायुक्त की रिपोर्ट के आधार पर श्री सिद्दीकी के खिलाफ कार्रवाई करने की चेतावनी दी है। वह जानना चाहते हैं कि लोकायुक्त की रिपोर्ट उन्हें कैसे पता चली। श्री मौर्य ने कहा कि कानून के रखवाले ही कानून के भक्षक बन गए हैं। ध्वस्त कानून व्यवस्था के लिए पुलिस एवं सत्ता गठजोड़ भी इसके लिए जिम्मेदार है।
गत आठ अगस्त को चित्रकूट जिले के मारकुंडी क्षेत्र के डोडामाफी गांव में एक ही परिवार के मारे गए पांच लोगों और गोरखपुर जिले के जयंतपुर में हुए तिहरे हत्याकाण्ड के आश्रितों को पांच-पांच लाख रपये आॢथक सहायता दिये जाने की भी उन्होंने मांग की। उन्होंने कहा कि चार माह की सरकार में चार से अधिक जगहों पर दंगे हो चुके हैं। यह अपने आप में कानून व्यवस्था का जीता जागता उदाहरण है।
उन्होंने कहा कि थाने में सामान्यजन से दुव्र्यवहार किया जा रहा है। शस्त्रागार से एके 47 रायफल गायब हो रही है। मंत्री के सामने मुख्य चिकित्साधिकारी को सपा कार्यकर्ता थप्पड़ मार रहे हैं। उनका कहना था कि सत्तारढ़ दल के कार्यकर्ता ही अपराध कर रहे हैं तो कानून व्यवस्था की स्थिति बिगड़ेगी ही।












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