टीम अन्ना के आंदोलन में बढ़ी भीड़ से घबराई सरकार

आपको बता दें कि शनिवार को जंतर-मंतर पर दोपहर करीब डेढ़ बजे अन्ना मंच पर अचानक खड़े हुए। माइक थाम और कहा कि सपने जब पलते हैं तो वह भीड़ की शक्ल में सामने नहीं आते। देश जाग चुका है और जागा हुआ देश बार-बार भीड़ नहीं बनता। जो आंदोलन शुरू किया है वह अंजाम तक पहुंचेगा। जंतर-मंतर पर टीम अन्ना की ओर से जारी अनशन के चौथे दिन जितने मुंह उतनी बातें हो रही थी। पर रविवार को कयास सभी के धरे के धरे रह गए। हर तरह भीड है औऱ भीड़ है कि खत्म होने का नाम नहीं ले रही है। वहीं इंद्रदेव भी अन्ना के अनशन पर मेहरबान हैं औऱ दिल्ली का मौसम भी कुछ खुशनुमा है। सूरज के ताप को बादलों ने ढक रखा है।
एक सूत्र ने बताया कि सरकार ने अन्ना के अनशन को लेकर मीडिया पर कुछ अघोषित सेंसरशिप लगा रखा है जिसके बाद से मीडिया भी सिर्फ एक ही बात कह रही है कि आंदोलन जनआंदोलन नहीं है। जिस अन्ना को कवर करने के लिए सैंड़कों मीडिया कर्मी जमा रहते थे वहां इस बार मीडिया का कोई भी बड़ा अधिकारी या एंकर उपलब्ध नहीं है जो इस अनशन को कवर करे। इसलिए चर्चा है कि सरकार मीडिया के माध्यम से ही इसे ध्वस्त करने की तैयारी में है पर लगता है कि सरकार का यह मंसूबा भी आज ध्वस्त हो जाएगा क्योंकि जंतर मंतर पर इस समय तिल रखने की जगह नहीं है और सैंकड़ों लोग इस अनशन को कवर करने के लिए पहुंचे हुए हैं।












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