माया की मूर्ति तोड़े जाने से पहले प्रेसवार्ता कराने वाले पकड़े गये

राजधानी में मायावती की मूर्ति तोड़े जाने की खबर जैसे ही आयी बसपा के वरिष्ठï नेता स्वामी प्रसाद मौर्य मौके पर पहुंचे और कहा कि इस घटना को अंजाम देने वालों को सरकार का संरक्षण प्राप्त है।
स्वामी प्रसाद मौर्य के बयान के बाद पुलिस हरकत में आयी और कुछ ही देर में तीन लोगों को हिरासत में ले लिया गया। पुलिस ने पत्रकार वार्ता को आयोतित कराने वाले तीन आयोजकों विशाल मिश्र, अर्पित श्रीवास्तव और आलोक श्रीवास्तव को हिरासत में ले लिया। पुलिस इन तीनों लोगों से पूछताछ कर रही है।
पुलिस के अनुसार विशाल मिश्र की एक पीआर एजेंसी है और आलोक श्रीवास्तव मुम्बई के एक अखबार में फोटोग्राफर है, जबकि आर्पित उनका बेटा है। पुलिस पूछताछ में तीनों ने बताया कि पत्रकार वार्ता चल रही थी उसी दौरान किसी व्यक्ति ने नव निर्माण सेना के अध्यक्ष अमित जानी के पास एक फोन आया। फोनकर्ता ने उन्हें बताया कि मूर्ति तोड़ दी गयी है। इसके अतिरिक्त उन्हें कुछ नहीं पता। उन्होंने पुलिस को बताया कि उनका काम सिर्फ पत्रकार वार्ता आयोजित कराने का था इसके अतिरिक्त उनका संगठन के लोगों से कोई सम्पर्क नहीं है।












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