मीडिया कर्मियों के उकसाने पर तोड़ी गई मायावती की मूर्ति

मायावती की खण्डित मूर्ति के निकट डयूटी करने वाले गार्ड राम चरन राम ने अपने बयान में कहा कि मूर्ति तोड़े जाने से पहले कुछ मीडियाकर्मी आए और मूर्ति की फोटो लेने लगे। इसी दौरान चार लोग मौके पर आए और वहां खड़े हो गए।
गार्ड ने उन लोगों को वहां से जाने को कहा लेकिन उन्होंने गार्ड को आश्वासन दिया कि वह सिर्फ फोटो ले रहे है इसी बीच चारों शरारती तत्व ऊपर चढ़े और अपने बैग से हथौड़ा निकाला तथा मूर्ति को तोड़ दिया। गार्ड उन लोगों को पकड़ पाता कि वह लोग और मीडियाकर्मी मौके से भाग निकले।
कुछ ही देर में मूर्ति तोड़े जाने की खबर फैल गयी और सरकारी अमला तथा दर्जनों मीडिया कर्मी मौके पर पहुंच गए। दोबारा मौके आए मीडियाकर्मियों की भीड़ में वह मीडियाकर्मी नहीं दिखायी दिए।
पुलिस ने गार्ड से पूछा कि इस भीड़ में वह मीडियाकर्मी हैं जो मूर्ति तोड़े जाने के वक्त फोटोग्राफी कर रहे थे तो गार्ड ने कहा कि वह यहां नहीं है। आईजी आशुतोष पाण्डेय ने कहा कि पूरे मामले में मीडियाकर्मियों की भूमिका संदिग्ध हैं और वह यह पता लगाने का प्रयास करेंगे कि कहीं यह मीडियाकर्मियों के उकसाने पर तो नहीं किया गया।
उधर अखिलेश यादव ने आश्वासन दिया है कि वो इस टूटी हुई मूर्ति को बनवा देंगे। उन्होंने कहा कि सपा के खिलाफ आग भड़काने के लिये किसी ने बसपा सुप्रीमों की मूर्ति से छेड़छाड़ की है। उन्होंने कहा कि सपा सरकार इस घटना की निंदा करती है।












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