नरेंद्र मोदी में दिख रहा भारत का उज्‍जवल भविष्‍य

Narendra Modi
एक दशक तक, मुख्‍यधारा वाले मीडिया का एक वर्ग हमें यह बताना चाहता था कि पूरे भारत के परिवेश में नरेंद्र मोदी कहीं न कहीं पीछे हैं, लेकिन दो अलग-अलग सर्वेक्षणों के परिणाम इस मिथ्‍या को झुठलाने के लिये काफी हैं। यदि यदि स्‍वीकार्यता एक मुद्दा है तो बिहार की सड़कों से साईबर वर्ल्‍ड तक मोदी की प्रसिद्धी पर क्‍या उत्‍तर होगा।

गवर्नेन्‍स एवं जातिवाद:

यह मोदी का, जरूरतों की समझ रखने वाला, समृद्धि चाहने वाला और सही निर्णय लेने वाला व्‍यक्तित्‍व ही है जो असंतुष्‍ट युवाओं के साथ काम करना चाहता है। अच्‍छे कॉलेजों में सीटें नहीं हैं, अच्‍छी कंपनियों में अधिक नौकरियां नहीं। युवा अपनी इस बात को रखना चाहते हैं और मोदी एक ऐसे व्‍यक्ति हैं, जो यह कर सकते हैं। हां युवाओं को मतलबी कह सकते हैं, लेकिन ये युवा कभी विवादास्‍पद इतिहास की परवाह नहीं करते।

चेतन भगत की ओर से सशक्‍त और सत्‍य शब्‍द आये! यह एकदम सही है कि नरेंद्र मोदी के अंदर लोग अवसर और महत्‍वकांक्षाओं को देख रहे हैं। वे अच्‍छे स्‍कूल, कॉलेज और अस्‍पताल चाहते हैं, न कि जातिवाद से भरी नकली धर्मनिर्पेक्षता। नीतीश के महा दलित कार्ड को भी मत भूलिये, जिसे मीडिया ने बहुत सुंदरता से पेश किया था।

राहुल गांधी के लिये, कोई भी सलमान खुर्शीद के उस बयान से सहमत नहीं होगा कि वह उत्‍कीर्ण रत्‍न के जैसे दिखाई देते हैं। सभी को अभी राजनीति में उनका मजबूत प्रदर्शन देखना बाकी है।

विकास को पैदायशी मजबूती से मिलाकर देखें:

विकास के लिये युवाओं की प्‍यास के साथ-साथ उस नेता की खोज, जो विकास के साथ-साथ आत्‍मिक शक्ति को बनाये रखे। वो नेता यहां है, जो भारत को 21वीं सदी की ऊंचाईयों तक पहुंचा सकता है और उसी के समानांतर देश के आत्मिक ढांचे को बनाये रखेगा। आज दूसरा कोई भी नेता ऐसा नहीं है, जो नरेंद्र मोदी की तरह इस जरूरत को पूरा कर सके।

सार:

कुल मिलाकर देखा जाये तो मैं एक बार फिर कहना चाहूंगा कि दो अलग-अलग सर्वेक्षण एक ही समय पर विभिन्‍न प्रकार के बीच किये गये। इनके परिणाम इस चेहरे के महत्‍व को दर्शा रहे हैं। हमें पता था कि सोशल मीडिया उनका समर्थन करती है, लेकिन अब ठोस और मजबूत वर्ग भी मोदी का नाम ले रहा है।

इसी प्रकार नरेंद्र मोदी का कद एक राष्‍ट्रीय नेता के रूप में उभर चुका है। यह अभूतपूर्व है और पूरी तरह साबित हो चुका है कि कप (जो समाचार चैनल परोसते हैं) और होठ (जो हम पढ़ रहे हैं) के बीच कितना फासला है। छोटे वाक्‍य में कहें तो हमें वह पत्‍थर चाहिये जो दिवालिया मीडिया और गलत प्रचार करने वालों के घर के शीशे तोड़ दे।

व्‍यापक स्‍तर पर ये सर्वेक्षण समुद्र में छोटी बूंदों के समान हैं- यह समुद्र है ब‍ुद्धिजीवियों, आम आदमी, किसानों, महिलाओं, युवाओं और लगभग सभी वर्गों के लोगों का जो नरेंद्र मोदी को उभरता हुआ देखना चाहते हैं। जो चाहते हैं कि मोदी देश को ऊंचाईयों तक लेकर जायें वो भी बिना किसी जातिवादी वोटबैंक के आधार पर।

Notifications
Settings
Clear Notifications
Notifications
Use the toggle to switch on notifications
  • Block for 8 hours
  • Block for 12 hours
  • Block for 24 hours
  • Don't block
Gender
Select your Gender
  • Male
  • Female
  • Others
Age
Select your Age Range
  • Under 18
  • 18 to 25
  • 26 to 35
  • 36 to 45
  • 45 to 55
  • 55+