Pakistani Terrorist: भर्ती करने से लेकर हमला करने तक, 23 पाकिस्तानी आतंकवादी घोषित, देखें पूरी लिस्ट
Pakistani Terrorist: केंद्र सरकार ने आतंकवाद के खिलाफ अपनी 'जीरो टॉलरेंस' नीति को और सख्त करते हुए बड़ा कदम उठाया है। केंद्रीय गृह मंत्रालय ने गैर-कानूनी गतिविधियां (रोकथाम) अधिनियम (UAPA) के तहत 23 और कुख्यात अपराधियों को आतंकवादी घोषित कर दिया है। हाल के सालों में किसी एक सूची में इतने अधिक व्यक्तियों को आतंकवादी घोषित करने की यह सबसे बड़ी कार्रवाइयों में से एक मानी जा रही है।
पाकिस्तान और PoK से चल रहे नेटवर्क पर निशाना
गृह मंत्रालय का कहना है कि इस कार्रवाई का मकसद पाकिस्तान और पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर (PoK) से संचालित आतंकी नेटवर्क को कमजोर करना है। सूची में शामिल सभी आरोपी जैश-ए-मोहम्मद, लश्कर-ए-तैयबा और उनके सहयोगी संगठनों से जुड़े बताए गए हैं। सुरक्षा एजेंसियों के मुताबिक, ये लोग भारत में आतंकी गतिविधियों, घुसपैठ और भर्ती जैसी साजिशों में शामिल रहे हैं।

UAPA के तहत क्या होगा असर?
सरकार का मानना है कि इन 23 लोगों को UAPA की चौथी अनुसूची में शामिल करने से उनके नेटवर्क, फंडिंग और भर्ती करने वाले सिस्टम पर प्रभावी कार्रवाई करना आसान होगा। साल 2019 में UAPA में हुए संशोधन के बाद सरकार को सीधे किसी व्यक्ति को आतंकवादी घोषित करने का अधिकार मिला था। इससे ऐसे लोगों के वित्तीय लेन-देन और गतिविधियों पर देश और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर नजर रखना आसान हो जाता है।
जैश-ए-मोहम्मद के बड़े कमांडरों पर कार्रवाई
नई लिस्ट में मसूद इलियास कश्मीरी का नाम प्रमुख है। सुरक्षा एजेंसियों के मुताबिक, वह आतंकियों की भर्ती, प्रशिक्षण और भारत में घुसपैठ कराने में शामिल रहा है। उसे 2022 में जम्मू के सुंजवां सैन्य शिविर पर हुए हमले का मुख्य साजिशकर्ता भी माना जाता है।
इसके अलावा मोहम्मद मुसद्दीक को भी आतंकवादी घोषित किया गया है। उस पर सीमा पार से घुसपैठ कराने और सोशल मीडिया के जरिए भारतीय युवाओं को आतंकी संगठनों में भर्ती करने का आरोप है। वहीं मुफ्ती मुहम्मद असगर खान पर 2016 के नगरोटा सेना शिविर हमले का मास्टरमाइंड होने का आरोप है, जिसमें 7 भारतीय जवान शहीद हुए थे। अब्दुल्लाह जिहादी का नाम भी सूची में शामिल है, जिस पर आतंकी शिविरों के संचालन और घुसपैठ कराने का आरोप है।
लश्कर-ए-तैयबा के नेटवर्क पर भी शिकंजा
गृह मंत्रालय ने लश्कर-ए-तैयबा से जुड़े कई बड़े नामों पर भी कार्रवाई की है। इनमें फिरदौस अहमद भट पर जम्मू-कश्मीर में विदेशी आतंकियों की घुसपैठ और हथियारों की सप्लाई कराने का आरोप है। वहीं हारून रशीद गनई पाकिस्तान से भारतीय युवाओं की भर्ती और हथियारों की व्यवस्था संभालता था। इसके अलावा
बिलाल अहमद मीर
आबिद कय्यूम लोन
नजीर अहमद गुज्जर
अब्दुल रऊफ
अशफाक अहमद
हाफिज खालिद वलीद
मौलाना सैफुल्लाह खालिद
मोहम्मद याकूब
मौलाना यूसुफ तैबी
ओवैस फारूक
कारी याकूब शेख
राणा इफ्तिखार
वसीम नूर जाट
मोहम्मद शाहिद फैसल
मौलाना इमदाद उल्लाह मक्की
हाफिज अब्दुल शकूर
गुलाम फरीद
जैसे कुख्यात नामों को भी आतंकवादी घोषित किया गया है। इन पर आतंकी फंडिंग, हथियारों की सप्लाई, घुसपैठ, हमलों की साजिश और आतंकियों को रसद उपलब्ध कराने जैसे गंभीर आरोप हैं।
अधिकतर आरोपी पाकिस्तान और PoK में मौजूद
सुरक्षा एजेंसियों के अनुसार, सूची में शामिल अधिकांश आरोपी फिलहाल पाकिस्तान या PoK में मौजूद हैं और वहीं से भारत विरोधी गतिविधियों का संचालन कर रहे हैं। सरकार का मानना है कि इस कार्रवाई से सीमा पार बैठे आतंकियों के नेटवर्क पर दबाव बढ़ेगा और जम्मू-कश्मीर में सक्रिय आतंकी ढांचे को कमजोर करने में मदद मिलेगी।
इस खबर पर आपकी क्या राय है, हमें कमेंट में बताएं।














Click it and Unblock the Notifications