जगदीश शेट्टार ने ली कर्नाटक मुख्यमंत्री पद की शपथ

कर्नाटक में अब जबकि विधानसभा चुनाव में एक वर्ष से भी कम समय रह गया है तब राज्य के मुख्यमंत्री के रूप में आज शपथ ग्रहण करने वाले शेट्टार को इस शीर्ष पद पर पहुंचाने में जातीय समीकरण की अहम भूमिका रही। लगभग एक साल पहले तत्कालीन निवर्तमान मुख्यमंत्री बी एस येदियुरप्पा ने मुख्यमंत्री पद के लिये डी वी सदानंद गौडा को अपना समर्थन दिया था।
अवैध खनन पर लोकायुक्त की रिपोर्ट में दोषी ठहराये जाने के कारण इस्तीफा देने वाले येदियुरप्पा ने नये नेता के निर्वाचन के लिये हुई बैठक में शेट्टार की हार सुनिश्चित करने के लिये एड़ी से चोटी तक का जोर लगा दिया था ताकि उनके लिंगायत समुदाय का एक और मजबूत नेता नहीं खड़ा हो जाये।
गत वर्ष वरिष्ठ भाजपा नेता एच एन अनंत कुमार और प्रदेश भाजपा अध्यक्ष के एस ईश्वरप्पा के समर्थन से आगे बढे शेट्टार ने अपनी पिछली हार को क्रिकेट का सेमीफाइनल मैच बताया और कहा कि उम्र उनके साथ थी यह बात सही साबित हुई। येदियुरप्पा प्रभावशाली लिंगायत समुदाय के निर्विवाद नेता बनना चाहते थे और गत वर्ष वोक्कालिंग समुदाय के सदानंद गौडा को समर्थन दिया था।
लेकिन इसके लिये उन्हें अपने ही समुदाय के एक वर्ग से काफी आलोचना का सामना करना पड़ा। अब उन्होंने अपनी भूल सुधारते हुए शेट्टार को समर्थन दिया। इस बार उन्होंने पार्टी उच्च कमान को स्पष्ट संदेश दिया कि शेट्टार को मुख्यमंत्री बनाइये या नतीजा भुगतने को तैयार हो जायें। पार्टी के केन्द्रीय नेतृत्व ने येदियुरप्पा की दलील को स्वीकार किया कि अगला चुनाव प्रभावशाली लिंगायत समुदाय के नेता की अगुवाई में ही लड़ा जाना चाहिये जो पार्टी इस समुदाय को अपने प्रभाव का आधार मानती है।












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