रॉ ने मुझे जासूसी के लिए भेजा था पाकिस्तान: सुरजीत सिंह

भारतीय जमीन पर कदम रखने के बाद मीडिया बातचीत के दौरान उन्होंने कहा कि मै रॉ का जासूस था, लेकिन मेरी गिरफ्तारी के बाद किसी को मेरा ध्यान नहीं रहा। उन्होंने कहा कि अगर आप मुझसे ज्यादा सवाल करेंगे तो मेरा उत्तर कई लोगों को बुरा लगेगा। भारतीय सेना को भी मेरा उत्तर बुरा लग सकता है।
पाक में गिरफ्तार 69 वर्षिय सुरजीत की लाहौर की कोट लखपत जेल से रिहाई हुई है। उनको पाकिस्तानी प्रशासन द्वारा पाकिस्तान की वाघा सीमा से रिहा किया गया था। रिहाई के बाद फिरोजपुर जिले के फिड्डे गांव से आए सुरजीत का परिवार वाले और गावों के लोगों ने भव्य स्वागत किया था। सुरजीत की उम्र कैद की सजा सन 2005 में ही पूरी हो गयी थी। सुरजीत सिंह ने कहा कि मुझे अपने वतन लौटकर बेहद खुशी है।
पाकिस्तानी प्रशासन के कारण उठायी गयी परेशानी के बारे में पूछे जाने पर उन्होंने कहा कि मुझे पाक में कोई दिक्कत नहीं थी। वहां जेल में हम आराम से थे। रिहाई के मुद्दे पर पूछे जाने पर उन्होंने कहा कि उर्दू में सरबजीत और मेरी लिखावट लगभग समान है इस कारण ऐसी गलतफहमी पैदा हुई। उन्होंने कहा कि सभी को पता था कि मामला केवल मेरी रिहाई का था।
उन्होंने कहा कि वहां मै भी अच्छे से था सरबजीत सिंह भी अच्छे से है। इसके साथ ही उन्होंने कहा कि अब मै कभी पाकिस्तान नहीं जाना चाहूंगा।












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