कर्ज अदायगी के लिए बिहार को भी मदद मिले: नीतीश

उन्होंने कहा कि बिहार ने काफी कम कर्ज ले रखा है और आय से भी बचत हो रही है। विकास के मामले में भी बिहार का प्रदर्शन अच्छा रहा है। विकास कार्य के लिए योजना आयोग द्वारा बिहार के कामकाज की प्रशंसा किये जाने पर मुख्यमंत्री ने उपाध्यक्ष का आभार जताया। योजना आयोग से बिहार के 2012-13 के लिए 28 हजार करोड रुपये के योजना आकार को मंजूरी दिलाकर लौटे नीतीश ने कहा, योजना आकार में से तीन चौथाई हिस्सा राज्य अपने बूते जुटायेगा।
योजना आकार में राज्य सरकार के अपने संसाधन का हिस्सा 12910 करोड (46.11 प्रतिशत) है। केंद्रीय सहायता से केवल 7174 करोड (25.6 प्रतिशत) राशि प्राप्त होगी। 7916 करोड रुपये (28.27 प्रतिशत) बाजार से जुटाये जायेंगे। नीतीश ने कहा कि राज्य सरकार ने बिहार को विशेष राज्य का दर्जा देने की मांग एक बार फिर दोहराई है। 10वीं और 11वीं पंचवर्षीय योजना से बिहार को मिल रही विशेष मदद को 12वीं पंचवर्षीय योजना में भी जारी रखने का आग्रह आयोग से किया गया है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि विशेष राज्य का दर्जा बिहार का हक है। विशेष राज्य के दर्जा के लिए जो मानदंड हैं, उसमें से पांच में से तीन पर बिहार खरा उतरता है। उन्होंने कहा कि 50 हजार करोड़ रुपये की योजना बनाकर पहले ही सूची योजना आयोग को भेज दी जा चुकी है। सडक, सिंचाई और बिजली जैसी परियोजनाओं को चिनित कर उसे स्वीकृति दी जानी चाहिए। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार ने 12वीं पंचवर्षीय योजना के लिए प्रति वर्ष 4000 करोड़ रुपये बिहार को मदद की मांग आयोग से की गयी है, जिस पर आयोग ने सकारात्मक रुख दिखाया है।












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