राशिद अल्वी पर सपा का पलटवार

mulayam singh yadav
लखनऊ। उत्तर प्रदेश में सत्तारूढ समाजवादी पार्टी ने कांग्रेस प्रवक्ता राशिद अल्वी द्वारा मुरादाबाद में एक चुनावी रैली के दौरान मुलायम सिंह यादव को भाजपा का एजेंट कहने पर कड़ी आपत्ति जताई है। सपा ने राशिद अल्वी के बयान गैर जिम्मेदाराना बताया है। सपा ने कहा है कि या तो अल्वी अपने दिए बयान पर माफी मांगे नहीं तो कांग्रेस इस पर अपना स्पष्टीकरण दे।

पार्टी के प्रदेश प्रवक्ता राजेन्द्र चौधरी ने बताया कि अल्वी के इस बेतुके बयान से राष्ट्रपति पद के लिए सपा के समर्थन पर कोई असर नहीं पड़ेगा। हालांकि सपा ने काग्रेस पार्टी से राशिद अल्वी के खिलाफ कार्रवाई करने की मांग की है। कांग्रेस ने इस विवाद से पल्ला झाड़ते हुए भी राशिद अल्वी के बयान को उनका निजी बयान कहकर इससे पल्ला झाड़ लिया है। अल्वी के बयान से पार्टी का कोई लेना देना नहीं है, यह उनका निजी बयान है।

निकाय चुनाव की एक सभा के दौरान कांग्रेस प्रवक्ता राशिद अल्वी ने समाजवादी पार्टी अध्यक्ष को भाजपा का एजेंट बताकर एक नए विवाद को जन्म दे दिया। यह सब तब हुआ है जब राष्ट्रपति चुनाव के लिए कवायद जोरों पर है और सपा इसके लिए प्रणब मुखर्जी के समर्थन का ऐलान कर चुकी है। मुरादाबाद में हुई एक जनसभा को संबोधित करते हुए अल्वी ने कहा कि मुस्लिम समुदाय में मुलायम सिंह मुल्ला मुलायम कहलाते हैं। वह मानते हैं कि मुस्लिम समुदाय में उनका बोलबाला है। उन्होंने कहा कि देश के अंदर यदि भारतीय जनता पार्टी का कोई सबसे बड़ा एजेंट कोई है तो वो मुलायम सिंह यादव है। अगर भाजपा के इशारों पर इस देश में कोई नाचता है तो वो मुलायम सिंह यादव हैं।

राशिद अल्वी ने कहा कि जब मुलायम ने कल्याण सिंह से हाथ मिलाया था तब भी उन्होंने कहा था कि बाबरी मस्जिद की लड़ाई लड़ने वाले सपा नेता अब राम मंदिर की लड़ाई लड़ने वाले कल्याण सिंह के साथ सिर्फ सियासी फायदा लेने के लिए आए हैं। लेकिन उस वक्त उनकी बातें लोगों को हजम नहीं हुई। राशिद अल्वी मुरादाबाद में काग्रेस पार्टी से मेयर पद के उम्मीदवार डाक्टर मोहम्मद सादिक के लिए चुनाव प्रचार में आए थे। जानकारों का मानना है कि राशिद अल्वी के इस बयान का असर राष्ट्रपति चुनाव पर देखने को मिल सकता है।

गौरतलब है कि सपा प्रमुख मुलायम सिंह यादव राष्ट्रपति पद के लिए वित्त मंत्री प्रणब मुखर्जी को समर्थन का ऐलान कर चुके हैं। लेकिन अल्वी के इस बयान से कुछ मुश्किलें पैदा होने की उम्मीद भी जताई जा रही है। राष्ट्रपति पद के लिए चुनाव 19 जुलाई को होने हैं और संप्रग के अहम घटक तृणमूल कांग्रेस के प्रणब मुखर्जी को समर्थन देने से इंकार के बाद सपा को अपने साथ जोड़े रखना कांग्रेस के लिये बहुत जरूरी है। पार्टी किसी भी तरह का जोखिम उठाने के मूड में नहीं है और अपने घटक और समर्थक दलों को अपने साथ बनाये रखने की हरसंभव कोशिश कर रही है।

Notifications
Settings
Clear Notifications
Notifications
Use the toggle to switch on notifications
  • Block for 8 hours
  • Block for 12 hours
  • Block for 24 hours
  • Don't block
Gender
Select your Gender
  • Male
  • Female
  • Others
Age
Select your Age Range
  • Under 18
  • 18 to 25
  • 26 to 35
  • 36 to 45
  • 45 to 55
  • 55+