भाजपा से खुन्नस में जेडीयू ने दिया प्रणब को समर्थन

दो दिन पूर्व जेडीयू नेता व बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने एनडीए के पीएम कैंडिटेट पर विवादास्पद बयान दिया, जिसके बाद संघ ने भी कड़ी फटकार लगायी। दो दिन तक भाजपा और जेडीयू के बीच चली टकरार अब राष्ट्रपति चुनाव पर असर दिखाने लगी है। सुबह पहले तो भाजपा ने पीए संगमा को राष्ट्रपति पद के लिए उम्मीदवार घोषित कर दिया।
जिस समय सुषमा स्वराज संगमा का नाम पेश कर रही थीं, उस समय वो एनडीए के बाकी घटक दल मौजूद नहीं थे। लिहाजा यह साफ है कि भाजपा ने एनडीए के घटक दलों से खास कर जेडीयू से सलाह मश्वरा नहीं किया। इस बात से नाराज शरद यादव ने एनडीए के प्रत्याशी को समर्थन देने से इंकार कर दिया। हालांकि मीडिया के सामने उन्होंने यह कहा है कि यह सिर्फ विचारों का अलग होना है, न कि पार्टी का एनडीए से कोई अलगाव।
शरद यादव ने खुलकर कहा कि वो और उनके साथी सांसद-विधायक प्रणब दा को वोट करेंगे। इसके पीछे उन्होंने इतिहास की कुछ बातें दोहरायीं, कि जब ज्ञानी जैल सिंह खड़े हुए थे, तब अकाली दल ने अपने सहयोगी गठबंधन से परे जाकर वोट किया था। वहीं प्रतिभा पाटिल के समय शिवसेना ने भी यही काम किया था। इसका मतलब यह नहीं था कि वे अपने गठबंधन से अलग हो गये। लिहाजा इस बार जेडीयू प्रणब को सपोर्ट करेगी, इसका मतलब यह नहीं कि वो एनडीए से अलग है।
लेकिन हां उन्होंने एनडीए से अलग होने की कोई बात फिलहाल नहीं की है। शरद पवार












Click it and Unblock the Notifications