IPL 2026: मई में किसी भी शनिवार को क्यों नहीं 2 आईपीएल मैच? क्या आप जानते हैं कारण?
IPL 2026: इंडियन प्रेमीयर लीग 2026 अब अपने निर्णायक मोड़ पर पहुंच चुकी है क्योंकि मई का महीना शुरू होते ही प्लेऑफ की रेस काफी तेज हो गई है। टूर्नामेंट के इस सीजन में अब तक कुल 43 मुकाबले खेले जा चुके हैं और सभी टीमों ने अपने आधे से ज्यादा मैच पूरे कर लिए हैं। मई महीने के पहले शनिवार यानी 2 मई को क्रिकेट जगत का सबसे बड़ा मुकाबला होने जा रहा है। चेन्नई सुपर किंग्स और मुंबई इंडियंस के बीच टक्कर है लेकिन सवाल है कि शनिवार को डबल हेडर क्यों नहीं है।
इस सीजन के शेड्यूल में एक दिलचस्प बात यह है कि मई के महीने में किसी भी शनिवार को डबल हेडर यानी दो मैच आयोजित नहीं किए जा रहे हैं। मई के पहले शनिवार को शाम 7:30 बजे केवल एक ही मैच रखा गया है। यह अप्रैल के महीने से बिल्कुल अलग स्थिति है क्योंकि अप्रैल के सभी शनिवारों को दो-दो मैच देखने को मिले थे।

पूरे सीजन की बात करें तो टूर्नामेंट के पहले दिन यानी 28 मार्च के बाद यह दूसरा ऐसा मौका है जब शनिवार के दिन केवल एक ही मैच खेला जा रहा है। मई के सभी शनिवारों को अब केवल शाम के समय ही मैच आयोजित होंगे।
डबल हेडर मैचों में लगातार गिरावट
पिछले कुछ वर्षों के आंकड़ों पर गौर करें तो आईपीएल में एक दिन में दो मैच होने की परंपरा धीरे-धीरे कम हो रही है। साल 2024 के सीजन से ही बीसीसीआई ने डबल हेडर की संख्या में कटौती करना शुरू कर दिया था और यही रुझान 2025 के बाद अब 2026 में भी साफ नजर आ रहा है। इस पूरे सीजन में कुल मिलाकर केवल 12 दिन ही ऐसे रखे गए हैं जब दो मैच होंगे। इन 12 दिनों में से 8 दिन रविवार के हैं जबकि केवल 4 दिन शनिवार के रखे गए थे जो सभी अप्रैल में बीत चुके हैं। मई के महीने में लीग चरण के अंत तक केवल रविवार को ही दो मैच देखने को मिलेंगे।
लंबी विंडो और बेहतर योजना का लाभ
आईपीएल के शेड्यूल में यह बदलाव इसलिए संभव हो पाया है क्योंकि अब इस टूर्नामेंट के लिए दो महीने से भी ज्यादा का समय उपलब्ध रहता है। बीसीसीआई के पास अब एक बड़ा टाइम विंडो है जिसकी वजह से मैचों को अधिक दिनों में फैलाना आसान हो गया है। जब टूर्नामेंट की अवधि कम होती थी तब एक ही दिन में दो मैच कराना मजबूरी होती थी लेकिन अब समय की उपलब्धता ने बोर्ड को राहत दी है। इससे टूर्नामेंट के आयोजन में किसी प्रकार की जल्दबाजी नहीं दिखती और लीग चरण के आखिरी मैचों को अधिक व्यवस्थित तरीके से आयोजित किया जा रहा है।
गर्मी और खिलाड़ियों की सुरक्षा
मई के महीने में दोपहर के समय होने वाले मैचों को कम करने के पीछे एक मुख्य कारण भारत में पड़ने वाली भीषण गर्मी भी है। दोपहर 3:30 बजे शुरू होने वाले मैचों में खिलाड़ियों के स्वास्थ्य और सुरक्षा को लेकर काफी चिंताएं जताई जाती रही हैं। अत्यधिक तापमान में मैदान पर घंटों पसीना बहाना खिलाड़ियों के लिए जोखिम भरा होता है। हालांकि इस बारे में कोई आधिकारिक बयान नहीं आया है लेकिन यह स्पष्ट है कि शाम 7:30 बजे का समय खेल के लिए अधिक अनुकूल है। इससे खिलाड़ियों को अपनी फिटनेस बनाए रखने और मैदान पर बेहतर प्रदर्शन करने में मदद मिलती है।
ब्रॉडकास्टर्स की पसंद और अधिक व्यूअरशिप
प्रसारणकर्ताओं के नजरिए से देखें तो वे हमेशा से ही एक दिन में केवल एक मैच को प्राथमिकता देते आए हैं। शाम का समय टीवी और डिजिटल प्लेटफॉर्म पर दर्शकों को आकर्षित करने के लिए सबसे अच्छा माना जाता है। दोपहर के मैचों की तुलना में शाम के प्राइम टाइम मैचों को कहीं ज्यादा लोग देखते हैं जिससे विज्ञापन के राजस्व में भी बढ़ोतरी होती है। जब शनिवार को केवल एक बड़ा मैच होता है तो दर्शकों का पूरा ध्यान उसी पर टिका रहता है। यही कारण है कि रविवार को लीग के अंतिम दिनों तक डबल हेडर जारी रखते हुए शनिवार को केवल सिंगल मैचों के लिए रिजर्व रखा गया है।












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