दीदी को मनाने के सभी प्रयास किए गए : दिग्विजय

दिग्विजय एक नीजि चैनल पर करन थापर के डेविल्स एडवोकेट कार्यक्रम में सवालों का जवाब दे रहे थे उन्होंने कहा कि यदि ममता बनर्जी सत्तारूढ़ गठबंधन से अलग होने का फैसला करती हैं तो क्या कांग्रेस संप्रग से उनके अलग होने को रोकने के लिए यथासम्भव कोशिश करने के लिए तैयार है।
अखिल भारतीय कांग्रेस समिति के महासचिव ने यह भी स्पष्ट किया कि कांग्रेस अपने से ममता बनर्जी से संप्रग छोड़ने को नहीं कह रही है और न ही उन्हें बाहर फेंक रही है । यह पूछे जाने पर कि यदि ममता ऐसा करने का फैसला करती हैं तो उन्हें गठबंधन से बाहर जाने से रोकने के लिए तृणमूल कांग्रेस के समक्ष कांग्रेस किस हद तक झुकेगी , दिग्विजय ने कहा, उन्हें संतुष्ट रखने के सभी प्रयास किए गए, उनके विचारों को स्वीकार किया, उनकी हठ को माना एक खास सीमा से परे, फैसला उनका है आपके झुकने की एक सीमा होती है कुछ घटनाएं ऐसी होती हैं, जो टाली नहीं जा सकतीं तो उनका सामना करना पड़ता है।
दिग्विजय सिंह ने यह भी कहा कि पार्टी अध्यक्ष सोनिया गांधी और प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह के लिए यह काफी विडम्बनापूर्ण है कि ममता ने राष्ट्रपति पद के लिए न सिर्फ संप्रग के दोनों उम्मीदवारों के नामों को खारिज कर दिया, बल्कि समाजवादी पार्टी से हाथ मिला लिया तथा प्रधानमंत्री सहित तीन और नामों की घोषणा कर दी।
संप्रग के उम्मीदवारों वित्त मंत्री प्रणव मुखर्जी और उपराष्ट्रपति हामिद अंसारी के नामों को खारिज करते हुए ममता ने बुधवार को सपा प्रमुख मुलायम सिंह यादव के साथ एक संयुक्त संवाददाता सम्मेलन में प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह, पूर्व राष्ट्रपति एपीजे अब्दुल कलाम और पूर्व लोकसभा अध्यक्ष सोमनाथ चटर्जी के नामों की घोषणा की थी।
ममता ने यह घोषणा मुद्दे पर सोनिया गांधी से चर्चा के बाद की थी । दिग्विजय सिंह ने यह भी कहा कि उप राष्ट्रपति हामिद अंसारी को दूसरा कार्यकाल देना कोई बुरा विचार नहीं है और संप्रग के राष्ट्रपति पद के उम्मीदवार के पक्ष में राजग का समर्थन जुटाने के लिए उसे उपराष्ट्रपति पद की पेशकश किए जाने की संभावना नहीं है। उन्होंने कहा कि ममता द्वारा उठाया गया कदम अत्यंत अपरिपक्व है।
उन्होंने उनसे अपील की कि उन्हें अपने फैसले पर पुनर्विचार करना चाहिए और प्रणव मुखर्जी द्वारा दिखाई गई उदारता का जवाब दें तथा उनकी उम्मीदवारी का समर्थन करें । कांग्रेस महासचिव ने कहा, यह कांग्रेस अध्यक्ष के लिए ही अत्यंत विडम्बनापूर्ण नहीं था, बल्कि प्रधानमंत्री के लिए भी था यह निश्चित तौर पर हम सबके लिए भी विडम्बनापूर्ण था क्योंकि एक सहयोगी संप्रग अध्यक्ष से चर्चा कर बाहर आया और कहा कि हम इन दो नामों को खारिज करते हैं और तीन नए नाम सुझाए।
कांग्रेस नेता ने कहा, उन्होंने :ममता: इन तीन नामों को सार्वजनिक किया और जैसे जैसे घटनाक्रम बढ़ा, पता चला कि उनके पास इन तीनों नामों पर कोई सहमति नहीं थी ऐसा करना परिपक्व चीज नहीं थामुझे आश्चर्य है कि उन्होंने इसे किया हमने कभी उम्मीद नहीं की थी कि ममता और मुलायम जल्दबाजी में नाम रखेंगे ।
दिग्विजय ने कहा कि प्रधानमंत्री इस सबसे नाखुश थे । कांग्रेस महासचिव ने कहा कि सरकार मामले से अच्छी तरह निपटी और इन आलोचनाओं को खारिज किया कि सरकार मामले से अच्छी तरह नहीं निपट पाई । उन्होंने पूछा , किसने उम्मीद की थी कि ममता उन लोगों के नाम लेकर आएंगी जिन्होंने चुनाव लड़ने के लिए अपनी सहमति तक नहीं दी थी।
यह पूछे जाने पर कि ममता ने ऐसा कदम क्यों उठाया, दिग्विजय ने कहा कि तृणमूल प्रमुख ने गलत अनुमान लगा लिया । ममता के व्यवहार के बारे में पूछे गए सवालों के जवाब में उन्होंने कहा, कुछ हद तक वह डावांडोल रही हैं वह ममता हैं...जहां तक ममता की बात है तो कुछ भी असंभव नहीं है, कुछ भी अप्रत्याशित नहीं है।
उन्होंने कहा कि तृणमूल प्रमुख द्वारा कलाम को लगातार किया जा रहा समर्थन एक गलती है जिससे उन्हें बचना चाहिए । यह पूछे जाने पर कि मुलायम सिंह ने तुरंत अपना मूड क्यों बदल लिया और राष्ट्रपति पद के लिए मुखर्जी की उम्मीदवारी का समर्थन कर दिया, कांग्रेस नेता ने कहा कि सपा प्रमुख व्यावहारिक राजनीतिक व्यक्ति हैं।












Click it and Unblock the Notifications