शाहजहां की मजार पर चढ़ेगी 357 फुट की चादर

आगामी 16 जून से शुरू होने वाले तीन दिवसीय शाहजहां उर्स बड़ी धूमधाम के साथ मनाया जायेगा। इस दौरान चादर पोशी के दिन सभी धर्मों के लोग भाग लेंगे। शाहजंहा के मजार पर चढ़ाई जाने वाली चादर को रमजान के महीनों में गरीबों को मुफ्त में बांट दिया जाता है। मान्यता है कि कई प्रेमी इस अवसर मजार पर चादर चढ़ाने आते हैं। इस बार उर्स में ताजमहल को प्रदूषण बचाने की भी कोशिश की जायेगी। प्रशासन का कहना है कि ताज को प्रदूषण से बचाने के लिए कई प्रयास किए जा रहे हैं।
भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण विभाग (एएसआई) तथा प्रशासन प्रदूषण को रोकने के लिये परिसर में धूप अगरबत्ती जलाये जाने पर प्रतिबंध लगा दिया है। ताजमहल में उर्स के दौरान लोगों के लिये प्रवेश नि:शुल्क रहेगा। एएसआई के सूत्रों का कहना है कि उर्स के दौरान ताज की सुरक्षा कड़ी रहेगी। सुरक्षा की दृष्टि से ताज परिसर में आयोजन के दौरान इस बार किसी भी संस्था या व्यक्ति को बैनर पोस्टर लगाने की इजाजत नहीं होगी। उर्स में कव्वाली व गजल आदि कार्यक्रम तो होंगे लेकिन इस दौरान ढोल एवं बड़े बैंडबाजों पर भी प्रतिबंध लगाया गया है। तीन दिवसीय उर्स में पहले दिन गुस्ल दूसरे दिन संदल की रस्म तथा अंतिम दिन चादरपोशी होगी।












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