देश में घमासान, मनमोहन के आठ मंत्री अमेरिका में

हालांकि इतने मंत्रियों का क्या वाकई इस वार्ता में जरूरत थी या फिर ऐसे ही आठों मंत्री अमेरिका में डेरा डाले हुए है। वह भी ऐसे समय जब अगले महीने राष्ट्रपति चुनाव होने हैं। जो मंत्री इस समय अमेरिका में हैं उसमें विदेश मंत्री एसएम कृष्णा, कपिल सिब्बल, कृष्णा तीरथ समेत पांच अन्य नाम भी हैं जो इस समय अमेरिका में डेरा डाले हुए हैं। सूत्र बता रहे हैं कि अन्य मंत्रियों को तो छोड़ दें पर इस समय यदि किसी की कमी खल रही है तो कपिल सिब्बल की जो इस राजनीति के अखाड़े में सबसे धारदार साबित होते। गुणा गणित और अपनी चतुराई से जिस प्रकार से वह चीजों को अपने पक्ष में कर लेते हैं उससे न केवल सत्ता दल को फायदा होता बल्कि नए समीकरण का आगाज भी हो जाता।
वैसे चर्चा यह भी है कि यदि वह देश में होते तो संभव है कि मुलायम सिंह के साथ उनके बेहतर तालमेल और संबंधों के नाते कुछ नए समीकरण उभरकर सामने आते और वे ममता को उनके ही गलियारे में पटकनी दे देते। सूत्र बता रहे हैं कि कांग्रेस की नीति थी कि किसी भी प्रकार से सपा और तृणमूल को एक साथ नहीं बैठने देना है पर कल की राजनीति उनपर भारी पड़ी और ममता और मुलायम एक साथ बैठ गए। सूत्र बता रहे हैं कि इसमें कांग्रेस की अपनी रणनीतिक कमजोरी है क्योंकि वह समझ रही थी कि देर सवेर तो सपा को उसी के पास आना है और डिनर के बहाने तो उन्हें भी अपने खेमे में मिला ही लिया गया है पर बुधवार कांग्रेस के लिए मुसीबत लेकर आया औऱ सालों की मेहनत पर थोड़ी ही देर में पानी फिर गया।












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