बाबा रामदेव व समर्थकों पर लाठीचार्ज करने वाले पुलिसकर्मी नपे

इन पर आरोप है कि वहां सक्षम अधिकारियों के रहते हुए भी इन्होंने बिना आदेश के ही लाठीचार्ज किया जिससे वहां भड़दड़ मच गया। हालांकि चर्चा है कि अधिकारियों को बचाने के लिए इनकी बलि ली जा रही है। नहीं तो जहां पुलिस आयुक्त समेत सभी अधिकारी घटना स्थल पर मौजूद हो वहां ये अदना से सरकारी मुलाजिल उनकी अनदेखी करके लाठी चार्ज कैसे कर देते। पर जैसा भी हो दिल्ली पुलिस के अधिकारी इनकी बलि के लिए अब लगभग तैयार हो गए हैं।
गौरतलब है कि फरवरी में सुप्रीम कोर्ट ने दिल्ली पुलिस से कहा था कि वह इस घटना की जांच कराए और देखे कि इस मामले में किन किन पुलिस अधिकारियों की क्या क्या भूमिका रही है। दिल्ली पुलिस की तरफ से जो स्थानीय कोर्ट में जवाब दाखिल किया गया है उसमें पुलिस ने भारतीय दंड संहिता की धारा 336 (जीवन को खतरे में डालना और दूसरों की व्यक्तिगत सुरक्षा अधिनियम) के तहत छह पुलिसकर्मियों को आरोपी बनाया है। जिसमें सिपाही तेजिन्दर, रवि, दिनेश और कृष्णपाल तथा सब इंस्पेक्टर सुशील कुमार, हेड कांस्टेबल विजेंद्र का नाम शामिल है।
सूत्रों ने बताया कि आरोप पत्र में बताया गया है कि जिस समय बाबा रामदेव रामलीला मैदान में धरना दे रहे थे उस समय ये सभी लोग कमला मार्केट पुलिस स्टेशन में तैनात थे और घटना वाले दिन ये सभी पुलिसकर्मी वहां ड्यूटी दे रहे थे। सूत्र बता रहे हैं कि पुलिस ने कोर्ट को बताया कि वह अभी इस मामले में एक और पूरक आरोप पत्र दाखिल करेगी जिसमें कुछ और तस्वीर होगी।
बताया जा रहा है कि 1000 पृष्ठ के आरोप पत्र को तैयार करने में पुलिस ने में कम से कम 12 टीवी चैनलों और घटना स्थल पर मौजूद कुछ पत्रकारों तक से पूछताछ की है। कोर्ट अगली सुनवाई अब अगले महीने करेगी।












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