आरुषि हत्याकांड: तीन गवाहों की गवाही से बदला केस का रूख

पहला गवाह
अभियोजन की ओर से पेश किये गये पहले गवाह नोएडा पुलिस के कांस्टेबल (फोटोग्राफर) चुन्नीलाल गौतम ने अदालत को बताया कि वह जब घटनास्थल की फोटो लेने तलवार दंपति के घर गया तो आरूषि का शव सफेद चादर से ढका हुआ था। उसके कमरे में खिलौने व्यवस्थित ढंग से रखे थे। इसके अलावा आरूषि के बिस्तर पर बिछी चादर पर सलवटें भी नहीं थीं।
चुन्नीलाल गौतम ने कहा कि 16 मई की सुबह सूचना मिलने के बाद वे मौके पर गए थे। उसने बताया कि आरूषि के पास खिलौने रखे थे, लेकिन उन पर खून का कोई निशान नहीं था। दीवारों पर खून के छींटे थे। चुन्नीलाल ने हेमराज के शव का फोटो मोर्चरी में खींचा था।
दूसरा गवाह
दूसरे गवाह पावर कारपोरेशन के अधिशासी अभियंता राजेश कुमार ने कोर्ट में बताया कि 15 मई की शाम छह बजे से 16 मई की सुबह छह बजे तक क्षेत्र में निर्बाध बिजली आपूर्ति हुई थी।
तीसरा गवाह
कोर्ट में पेश तीसरा गवाह सेंट्रल फॉरेंसिक साइंस लेबोरेटरी (सीएफएसएल) के वैज्ञानिक ए.डी. शाह ने बताया कि मौके से लैब में पांच बोतले भेजी गई थी जिनमें से फिंगर प्रिंट केवल एक ही बोतल पर मिले, वे भी तलवार परिवार के किसी भी सदस्य के नहीं थे। बोतल पर खून का धब्बा भी मिला है। कोर्ट में कड़ी सुरक्षा के लिए राजेश तलवार को पेश किया गया है।
तीनों गवाहों ने कोर्ट में अपने बयान दर्ज कराए। बचाव पक्ष ने अभियोजन पक्ष के गवाहों से जिरह भी की। इस दौरान विशेष न्यायधीश (सीबीआई) एस.लाल की अदालत में दोहरे हत्याकांड के आरोपी और आरूषि की मां डा. नूपुर तलवार और पिता डा. राजेश तलवार भी मौजूद थे। अदालत ने आगे की सुनवाई के लिए 21 जून को तारीख निर्धारित की है।












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