मोबाइल से नहीं कर सकते पुलिस, फायर या एंबुलेंस को फोन

Emergency helpline numbers barred in Haryana
जींद। यदि आप हरियाणा में रह रहे हैं और किसी मुसीबत में हैं तो आप अपने मोबाइल से न तो पुलिस को फोन कर पायेंगे और न एंबुलेंस सेवा को। क्योंकि हरियाणा में अधिकतर निजी मोबाइल कंपनियों ने आपातकालीन नंबरों की सेवाएं काफी अर्से से नहीं दी जा रही हैं। प्रदेश में कुछ निजी मोबाइल कंपनियों द्वारा आपातकालीन नंबरों की सुविधा काफी समय बंद कर रखी है। इससे आम जनता को आपातकालीन नंबरों की आवश्यकता पढऩे पर परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।

बीएसएनएल से बेशक कुछ आपातकालीन नंबर मिल रहे हो,लेकिन कई आपातकालीन नंबर बीएसएनएल से भी नहीं मिलते। इस मामले में हरियाणा तकनीकी संघ ने पहल करते हुए इसकी शिकायत ट्राई तथा संबंधित निजी कंपनियों के नोडल अधिकारियों से की है।

फिलहाल टाटा और डोकोमो कंपनियों के अधिकारियों ने संघ के पदाधिकारियों को इन सेवाओं को जल्द शुरू करने का आश्वासन दिया है जबकि बाकी कंपनियों ने अब तक कोई रिस्पांस नहीं किया है। सरकार ने जनता की सुविधा के लिए कुछ आपातकालीन नंबरों की सुविधा हर निजी मोबाइल कंपनी पर फ्री दी हुई है,लेकिन हरियाणा में यह सेवाएं काफी अर्से से बंद पड़ी हुई हैं। इसमें बीएसएनएल द्वारा भी कई आपातकालीन सेवाओं के नंबर बंद किए हुए हैं। इसके अलावा वोडाफोन, एयरटेल, आइडिया, टाटा, डोकोमो, वीडियोकान, एयरसेल आदि जैसी कंपनियां शामिल हैं। पुलिस, फायर और एंबुलेंस जैसे आपातकालीन नंबरों पर भी अधिकतर निजी कंपनियों द्वारा सेवाएं नहीं दी जा रही हैं।

विमेन हेल्‍पलाइन भी बंद

खास बात यह है कि अगर कोई लड़की किसी मुसीबत में फंस जाये और अपने मोबाइल से विमेन हेल्‍पलाइन या महिला पुलिस से संपर्क करना चाहे तो भी वो कुछ नहीं कर सकती। क्‍योंकि वुमैन क्राइसिस रिस्पांस सेंटर का नंबर-1090, वुमेन हेल्पलाइन नंबर-10921 पर कॉल नहीं लग रही है।

इसमें वोडाफोन,आइडिया, टाटा, डो-कोमो आदि कंपनियां शामिल हैं। इसी प्रकार से स्टेट लेवल हेल्थ इंफोरमेशन का हैल्पलाइन नंबर-104, हवाई दुर्घटना का नंबर 1070, रेल दुर्घटना का नंबर 1071, आपातकालीन डिजास्टर मैनेजमेंट सर्विस का नंबर 108, किसान हैल्पलाइन नंबर-1551, एचआइवी, एड्स हैल्पलाइन नंबर-1096, बच्चों तथा महिला विकास हैल्पलाइन नंबर 1097 पर कॉल नहीं हो पाती है। हरियाणा तकनीकी संघ के संस्थापक हितेश ढांडा ने कहा कि मोबाइल कंपनियां आपातकालीन नंबरों की सुविधा बंद करके नियमों की अनदेखी कर रही है। इसके बारे में सभी मोबाइल कंपनियों के अधिकारियों व ट्राई को इसकी शिकायत की गई है।

अगर जल्द से जल्द मोबाइल कंपनियों द्वारा आपातकालीन नंबरों की सुविधा नहीं खोली गई तो इसके बारे में हाईकोर्ट में जनहित याचिका दायर की जाएगी। हितेश ढांडा सोमवार को जाट धर्मशाला में पत्रकारों से बातचीत कर रहे थे। ट्राई ने मोबाइल कंपनियों को लाइसेंस देने से पहले जनसेवा के लिए आपातकालीन नंबर निर्धारित किए हुए हैं, लेकिन हरियाणा में जितनी भी मोबाइल कंपनियां है उन पर आपातकालीन नंबर मिलाने के लिए कोई उपभोक्ता नंबर मिलता है तो उसे गलत बताया जाता है। ऐसे में आपातकालीन समय में मोबाइल उपभोक्ता न तो इसकी सूचना पुलिस को दे पाता और न ही दमकल विभाग को, लेकिन नियमानुसार सभी मोबाइल कंपनियों को जनसेवा के लिए 100,101 व 102 तथा रेलवे पूछताछ के नंबरों को फ्री बात करने का आदेश हैं। ट्राई और सरकार द्वारा निर्धारित इन नंबरों पर किसी भी कंपनी का मोबाइल से इन नंबरों पर संपर्क नहीं हो पाता है।

शिकायत मिल चुकी: नोडल अधिकारी

टाटा व डो-कोमो के नोडल अधिकारी अजय अग्रवाल का कहना है कि इस मामले में उन्हें शिकायत मिली है। इस पर उन्होंने अधिकारियों को ठीक करने के निर्देश दिए हैं और कुछ समय बाद यह ठीक हो जाएंगे। उसके बाद किसी प्रकार की समस्या नहीं आएगी। हरियाणा में वोडाफोन कंपनी के 30 प्रतिशत मोबाइल यूजर है और इसके बाद आइडिया कंपनी के 25 प्रतिशत और बीएसएनल के 19 प्रतिशत, भारती एयरटेल के 16 प्रतिशत मोबाइल उपभोक्ता है, लेकिन इनमें किसी भी कंपनी द्वारा निर्धारित आपातकालीन नंबरों से संपर्क नहीं हो पाता है।

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