अब सपना ही रह जायेगा घर बनाने का सपना

भाजपा सांसद श्रीमती सुमित्रा महाजन की अध्यक्षता वाली संसद की स्थायी समिति ने भूमि अधिग्रहण पर अपनी रिपोर्ट गुरुवार को संसद को सौंपी दी। समिति ने सिफारिश की है कि अब सरकारें प्राइवेट या सार्वजनिक कंपनियों को जमीन खरीदकर नहीं देंगी। समिति का मानना है कि सरकार को मुनाफाखोरी के लिए किसी भी भूमि का अधिग्रहण नहीं करना चाहिए।
समिति ने इस बाबत पूर्व के 16 कानूनों को निरस्त कर दिया है साथ ही इसकी जगह पर नए कानून की सिफारिश की है। समिति का मानना है कि उन पुराने कानूनों की जगह नए कानूनों को फलीभूत होना चाहिए जिससे अधिग्रहण की व्यवस्था को और सख्त बनाया जा सके।
उल्लेखनीय है कि कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी की अध्यक्षता वाली राष्ट्रीय सलाहकार परिषद भी भूमि अधिग्रहण अधिनियम में संशोधन की बाबत कुछ ऐसी ही सिफारिशें कर चुकी है तो कांग्रेस महासचिव राहुल गांधी भी प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह से मिल कर संशोधनों पर जोर दे चुके हैं। इसलिए लगता है कि सरकार इन सिफारिशों को स्वीकार कर लेगी। यदि ऐसा होता है तो प्राइवेट बिल्डरों को सीधे किसानों से भूमि खरीदनी पड़ेगी और वह भी बाजार कीमत पर जिससे उनके प्रोजेक्ट काफी महंगे हो जाएंगे।
उल्लेखनीय है कि ग्रामीण विकास मंत्रालय से संबद्ध संसद की इस स्थायी समिति ने बुधवार को ही अपनी रिपोर्ट को अंतिम रूप दे कर स्वीकार किया था, जिसे आज संसद को सौंप दिया गया।












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