नोएडा एक्सटेंशन की निगाहें 22 मई पर टिकीं

नोएडा एक्सटेंशन के निवेशकों और बिल्डरों की निगाहें अब 22 मई पर टिक गई हैं जहां इस दिन एनसीआर प्लांनिंग बोर्ड की बैठक होने जा रही है हालांकि बैठक से पहले ही एनसीआर प्लानिंग बोर्ड पर दबाव बनाने के लिए प्रदर्शन औऱ धरने शुरू हो गए हैं वैसे कयास लगाया जा रहा है कि इस दिन नोएडा एक्सटेंशन को एनसीआऱ प्लानिंग बोर्ड से मंजूरी मिल जाएगी।
गौरतलब है कि नोएडा प्राधिकरण और किसानों की तरफ से दायर पुनर्विचार याचिका को हाई कोर्ट ने सोमवार को खारिज कर दिया और कहा कि इस संबंध में 21 अक्टूबर 2011 का पुराना फैसला बरकरार रहेगा। 21 अक्टूबर 2011 को हाई कोर्ट के न्यायमूर्ति एस.यू. खान, न्यायमूर्ति अशोक भूषण और न्यायमूर्ति वी.के. शुक्ल की विशेष पीठ ने किसानों की तरफ से भूमि अधिग्रहण के खिलाफ दायर याचिकाओं पर फैसला सुनाते हुए किसानों को प्राप्त मुआवजे से 64 फीसदी अधिक मुआवजा और 10 फीसदी विकसित जमीन देने के आदेश दिए थे।
साथ ही कोर्ट ने यह भी आदेश दिया था कि राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र योजना बोर्ड की अनुमित के बगैर अब वहां पर कोई नया निर्माण नहीं होगा। किसानों और अथॉरिटी की तरफ से इस फैसले के खिलाफ एक पुनर्विचार याचिका दायर की गई थी, जिसमें किसानों ने मांग की थी कि जहां पर निर्माण कार्य शुरू नहीं हुआ वहां अधिग्रहण रद्द करके जमीन वापस कर कर दी जाए, जबकि अथॉरिटी की तरफ से मांग की गई थी कि राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र योजना बोर्ड की अनुमित के बगैर निर्माण कार्य की अनुमित दी जाए और दस फीसदी विकसित जमीन सभी किसानों को देने के लिए न कहा जाए।
उधर, पुनर्विचार याचिकाएं खारिज होने के बाद किसानों ने नोएडा एक्सटेंशन में हंगामा किया। गुस्साए किसानों ने एक्सटेंशन में तोड़फोड़ की। उन्होंने नोएडा-ग्रेटर नोएडा मार्ग जाम कर दिया। पुलिस ने मौके पर पहुंचकर हालात संभाले। प्राधिकरण के सीईओ रमा रमण ने कहा कि निवेशकों, किसानों और कंपनियों को परेशान होने की जरूरत नहीं है।












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