नूपुर किताब लिख रही है या मजाक

सूत्रों के मुताबिक किताब की शुरूआत ही वह सीबीआई और पुलिस से कर रही हैं। उल्टा इल्जाम लगा रही हैं कि दोनों एजेंसियां आरोपी को पकड़ने में कामयाब नहीं हो पाईं। यह पूरे समाज और देश के लिए शर्मनाक है। जबकि सबूत मिटाने के आरोप खुद नूपुर पर हैं। अगर इसे मजाक न कहा जाए तो क्या कहा जाए। सूत्रों के मुताबिक उनकी पूरी किताब यह साबित करने की कोशिश की गई है कि सीबीआई के नकारेपन के कारण हत्यारे नहीं पकड़े जा सके। मिस्ट्री बिहाइंड आरुषि : ए स्टोरी बाई एन अनफोरच्यूनेट मदर’ के शुरुआती 17 पन्नों ने जो कुछ लिखा है वह सफाई के सिवाय और कुछ नहीं है।
सूत्र बताते हैं कि जेल में बंद नूपुर तलवार ने अंग्रेजी में लिख रही किताब की प्रस्तावना में अपनी बेटी की भोलेपन और मासूमियत की जमकर तारीफ की गई है । बेटी के प्रति जो लगाव दिखाया गया है। उसे देखकर कोई भी हैरत में पड़ जाएगा। जो नूपुर को नहीं जानता या इस मामले से वाकिफ नहीं है वह तो समझेगा कि इससे अच्छी मां कोई हो ही नहीं सकती । जो अपनी बेटी का इस कदर ख्याल रखती थी। गौरतलब है अपनी बेटी आरुषि और नौकर हेमराज की हत्या के आरोप में डा. नूपुर तलवार डासना जेल में बंद हैं। नूपुर ने एक ही रात में किताब के कई पन्ने लिख डाले थे। फिलहाल नूपुर की इस किताब के लेखन पर रोक है।
उधर, आरुषि हत्याकांड में सुनवाई निचली अदालत ने आज 16 मई तक टाल दी। अदालत ने आरोपियों को एक सीडी और अन्य दस्तावेज सौंपने का आदेश जारी करने के बाद सुनवाई स्थगित कर दी। इस मामले के आरोपी और आरुषि के माता-पिता नूपुर और राजेश तलवार ने ये दस्तावेज मुहैया कराने की मांग की थी। गौरतलब है कि 16 मई को आरुषि और तलवार परिवार के नौकर हेमराज की हत्या को चार साल हो जाएंगे।












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