केजरीवाल के सहयोगी की मौत की होगी फिर जांच

आपको बता दें कि पिछले दिनों (23 अप्रैल को) बसंत कुंज इलाके में हिट और रन का मामला सामने आया था। हिट और रन का शिकार अरविंद केजरीवाल के सहयोगी रविंद्र बलवानी (61) हुए थे। बलवानी को एक कार ने टक्कर मार दी थी। उन्हें सिर और पैरों में गंभीर चोटें आई थीं। वे तीन दिनों तक अस्पताल में जिंदगी और मौत से जूझते रहे। अंततः उनकी मौत हो गई।
इस मामले में पुलिस न तो कोई गिरफ्तारी नहीं की और न ही किसी को पूछताछ की। पुलिस का कहना था कि यह हिट औऱ रन का मामला था। चूंकि इस बाबत कोई प्रत्यक्षदर्शी नहीं मिला इसलिए वह इस फाइल को बंद कर दी। हालांकि पुलिस ने कहा था कि यदि परिवार का कोई सदस्य इस बात की पुनः जांच के लिए कहता है तो पुलिस इस मामले को पुनः देखेगी।
बुधवार को भी दिल्ली पुलिस की अधिकारी डीसीपी (दक्षिण) छाया शर्मा ने कहा कि पुलिस को इस मामले को पुनः खोलने में कोई दिक्कत नहीं है। वहीं बलवानी की बेटी सोनिया ने कहा कि पुलिस औऱ मीडिया से ही उनके पिता के घायल होने की सूचना मिली। बाजार में उस समय कई लोग मौजूद थे जिससे पुलिस को पूछताछ करनी चाहिए क्योंकि चश्मदीद भले न मिले पर इस बाबत कुछ न कुछ सुराग अवश्य मिला जाए। उधर, टीम अन्ना के सदस्य अरविंद केजरीवाल ने भी मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की है। अरविंद के दाएं हाथ कहे जाने वाले मनीष सिसोदिया भी पीड़ित परिवार से मिले और निष्पक्ष जांच का आश्वासन दिया।
गौरतलब है कि बलवानी ट्रासको से बतौर प्रबंधक रिटार्यर हुए थे। उसके बाद उन्होंने कई वरिष्ठ सरकारी अधिकारियों और राजनेताओं को बेनकाब किया। उसके बाद के परिवर्तन से जुड़ गए थे।












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