भारतीय कॉल गर्ल्स के पुनर्वास में अमेरिका करेगा सहयोग

एक गैर सरकारी संगठन अपने आप की रूचिरा गुप्ता ने कहा कि जब विश्व की सबसे शक्तिशाली राजनेताओं में से एक (हिलेरी) यहां आती हैं और हमसे मुलाकात करती हैं तो यह दर्शाता है कि हमें मानव तस्करी के खिलाफ काम में अंतरराष्ट्रीय समर्थन हासिल है। उन्होंने कहा वह (हिलेरी) खुद एक महिला हैं, इस बातचीत से पता चला कि पूरे विश्व में जरूरत पड़ने पर एक महिला दूसरी महिला की मदद कर सकती हैं।
हिलेरी और नौ एनजीओ, जिनमें से अधिकतर बंगाल के थे, के बीच चर्चा का संचालन करने वाली गुप्ता ने कहा कि वह यह जानने को उत्सुक थी कि वह तस्करी की गई महिलाओं और बच्चों के कल्याण में किस तरह मदद कर सकती हैं। उन्होंने हमारे सुझावों पर गौर किया और हमारे कामकाज के बारे में सवाल किए और यह भी पूछा कि उन्हें किस तरह की सरकारी मदद की दरकार है।
भारतीय सांस्कृतिक संबंध परिषद् (आईसीसीआर) भवन में कल शाम घंटा भर रूकने के दौरान हिलेरी ने न केवल यौन तस्करों से बचाई गई महिलाओं द्वारा प्रस्तुत एक आधुनिक बंगाली गीत और नृत्य का आनंद लिया बल्कि इस मुद्दे पर काम कर रहे कार्यकर्ताओं के साथ लंबी और उपयोगी बातचीत भी की। सेव द चिल्ड्रेन के उप कार्यक्रम निदेशक मानव राय ने कहा कि मानव तस्करी विरोधी आयोजकों और क्लिंटन के बीच बैठक ने उन्हें नयाब अवसर दिया।
उन्होंने कहा इससे हमारे आंदोलन को काफी प्रोत्साहन मिला। अब हम उम्मीद करते हैं कि अमेरिका इस मुद्दे को भारत सरकार के साथ उठाएगा। शहर में कालीघाट के रेड-लाइट इलाके में एचआईवी, एड्स रोकथाम के लिए एक सामुदायिक विकास परियोजना चलाने वाली उर्मी वसु ने कहा कि इस बैठक से आयोजकों द्वारा किये जा रहे प्रयासों को भारी समर्थन मिला है। उन्होंने कहा क्लिंटन ने हमें ध्यानपूर्वक सुना, मैं समझती हूं कि अब प्रशासन इस मुद्दे को पहले की तुलना में ज्यादा गंभीरता से लेगा।












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