फतवा- देवबंदी दूल्हें से बरेलवी लड़की का निकाह हराम

पिछले दिनों मुरादाबाद के भगतपुर के लाहोरा गांव में एक युवती ने देवबंदी दूल्हे से शादी करने से इंकार कर दिया। अब बरेलवी उलमा ने भी लड़की के फैसले को सही ठहराया है। उन्होंने फतवा देकर देवबंदी लड़के से निकाह को हराम करार दिया है। फतवा में कहा गया है कि ऐसे निकाह में शरीक होने वाले न सिर्फ गुनहगार होंगे बल्कि उनका भी निकाह टूट जाएगा। उनको दोबारा से ईमान में दाखिल होने के साथ निकाह भी पढ़वाना होगा। हालांकि कुछ दिनों बाद युवती की शादी बरेलवी युवक से कर दी गई, लेकिन मामला गंभीर होने के कारण भगतपुर के कारी सखावत हुसैन ने मुरादाबाद के मदरसा जामिया नईमिया के दारुल इफ्ता को लिख भेजा। जिस पर मदरसे के मुफ्ती मोहम्मद सुलेमान और मुफ्ती मुमताज नईमी ने फतवा जारी किया।
इसमें उन्होंने उनकी किताबों का हवाला देकर उन्हें इस्लाम से खारिज करार दिया। फतवा में साफ गया है कि देवबंदी लड़के से सुन्नी (बरेलवी) मसलक की लड़की का निकाह हरगिज नहीं हो सकता है। ऐसा निकाह हराम व बातिल, महज व जिना खालिस है। निकाह में शामिल होने वाले लोगों का निकाह भी खारिज हो जाएगा। उन्हें दोबारा ईमान ला कर निकाह करनी होगी। कुछ दिन पहले देवबंदी और बरेलवी करीब आने लगे थे। देवबंदी मुसलिम नेता आजम खां ने आला हजरत के नाम पर गाजियाबाद में हज हाउस बनाने की घोषणा की थी। इससे दोनों सेक्ट के बीच दूरी कम होने लगी थी। लेकिन इस फतवे से एक बार फिर दोनों में दूरी बढ़ जाएगी।












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