सिरसा में लड़कियां बेचने वाले गिरोह का पर्दाफाश

मुकेश नई दिल्ली में ही किसी निजी कंपनी में नौकरी करता है जबकि उसकी पत्नी सुमन मजदूरी करती है। मुकेश की पांच लड़कियां और चार लड़के हैं। उनमें से सोनम और शिवानी बीती 26 अप्रैल को अचानक घर से लापता हो गई थी। काम पर गई उनकी मां सुमन को दोपहर बाद घर लौटने पर इस बारे में पता चला तो उसने आसपड़ोस में पड़ताल की मगर दोनों लड़कियों का कोई सुराग नहीं लगा। बाद में शाम को जब मुकेश आया तो उसने नई दिल्ली में संबंधित थाना मालवीय नगर में अपनी दोनों बेटियों की गुमशुदगी की सूचना दी। मालवीय नगर पुलिस ने मुकेश की शिकायत के आधार पर गुमशुदगी की रपट दर्ज कर जांच शुरू की।
पुलिस जांच में यह तथ्य सामने आया कि मुकेश के पड़ोसी इंदरिश ने सोनम और शिवानी को चिडिय़ाघर दिखाने के नाम पर बहला फुसलाया था और अपने साथ ले गया था। बाद में इंदरिश ने दोनों लड़कियों को अपने मुंह बोले साले विनोद और उसकी पत्नी लक्ष्मी उर्फ सोंदा को सौंप दिया था। विनोद ने आगे डिमांड के मुताबिक सिरसा की खैरपुर कॉलोनी में रहने वाली गांव शहीदांवाली निवासी राधारानी को दोनों बहनें सौंप दी।
राधारानी ने शिवानी को अपने पास रखा हुआ था, जबकि सोनम को गांव भरोखां निवासी महेंद्रपाल के 28 वर्षीय पुत्र पवन को शादी के लिए दे दी। बताया गया है कि महेंद्रपाल गांव में मजदूरी करता है और उसका पुत्र पवन दोनों पांवों से पोलियो रोगी है और वह सीडीएलयू में ठेकेदारी प्रथा के अंतर्गत ऑपरेटर पद पर कार्यरत है। उसके साथ सोनम का सौदा 55 हजार रुपये में हुआ। उक्त सब बातों का खुलासा जब दिल्ली पुलिस की पड़ताल में हुआ तो दिल्ली पुलिस गुरुवार को सिरसा पहुंची।











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