संसद में शुरु होगा जया और रेखा का नया 'सिलसिला'

संसद में एक नया सिलसिला शुरु होने वाला है। ऐसा इसलिये क्योंकि जया बच्चन के साथ ही अब रेखा भी संसद में अपना जलवा दिखायेंगी। अपने जमाने की ये दोनो मशहूर अभिनेत्री अब सांसद की भूमिका में राज्यसभा में एक दूसरे के आमने सामने होंगी। मालूम हो कि गृहमंत्रालय ने रेखा को राज्यसभा में भेजने की सिफारिश की है और राष्ट्रपति ने उस सिफारिश पर मुहर लगा दी है।
कहा जाता है कि रेखा और जया बच्चन में नहीं बनती। बनेगी भी कैसे क्योंकि दोनों के रिश्तों की कड़ी ही ऐसी है जो हकीकत कम अफसाना ज्यादा लगता है। अमिताभ बच्चन जैसे महानायक के साथ फिल्म सिलसिला में एक साथ दोनो अभिनेत्रियों ने काम किया था। रुपहले पर्दे इस फिल्म में अमिताभ और रेखा के बीच की केमिस्ट्री को खासा सराहा गया।
मगर उसके बाद दोनों के बीच अफवाहों का जो दौरा शुरु हुआ वह आजतक नहीं थमा है। इसी बीच रेखा और जया के बीच कड़वाहट की खबरें यदा-कदा आती रहती हैं। मगर अब जब दोनो (जया और रेखा) एक साथ सदन में होंगी तो सदन के अंदर का सिलसिला देखना बेहद रोचक होगा।
रेखा का फिल्मों में आने से लेकर सांसद बनने तक का सफर
दक्षिण भारत के सुपरस्टार जेमनी गणेशन और तेलगु अभिनेत्री पुष्पा पल्लवी के बेटी भानु रेखा जिसे आज पूरी दुनिया रेखा के नाम से जानती है का जन्म 10 अक्टूबर 1954 को हुआ था। 14 साल की उम्र में ही रेखा को हिंदी फिल्म सावन भादो में लीड रोल मिल गया। फिल्म तो चली मगर रेखा नहीं चल सकीं। चलती भी कैसे क्योंकि एक मोटी एक्ट्रेस को किसी ने भी नहीं सराहा। हालत तो यह थी कि रेखा को हिंदी तक नहीं आती थी। अगर रेखा पर कोई हिंदी में कमेंट करता तो वह उसका जवाब तक नहीं दे पाती थी।
मगर 6 साल बाद अचानक सबकुछ बदल गया। 6 साल बाद रेखा की मुलाकात एक ऐसे अभिनेता से हुई जिसने भानु रेखा को खुबसूरत रेखा के नाम से परिचित कराया। बस क्या था रेखा बॉलीवुड में इस कदर चमकी कि सबको पीछे छोड़ दिया। कहते हैं जो आस अधुरी रह जाती है वह प्यास बन जाती है। शायद किसी अधुरी आस की प्यास ने रेखा को इस कदर मिस्ट्रियस बना दिया कि वह आज भी पहले बनी हुई हैं।
इससे पहले भी कई सुंदरियां बढ़ा चुकी हैं सदन की शोभा
वर्ष 1980 नरगिस
वर्ष 1993 बैंजतीमाला
वर्ष 1997 शबाना आजमी
वर्ष 2003 हेमा मालिनी
वर्ष 2007 जया बच्चन












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