दिल्ली एयरपोर्ट से उड़ान भरना हुआ महंगा

यह चार्ज डोमेस्टिक पैसेंजर के लिए 200 रुपये और इंटरनेशनल पैसेंजर के लिए 1300 रुपये है। पर उन्हें अब यूडीएफ भी देना होगा जो चालू साल में 195.80 रुपये से 1,068 रुपये के बीच होगा और 2013-14 में 207.32 रुपये से 1,130.85 रुपये के बीच रहेगा।
हवाईअड्डे के निर्माण पर आई कुल लागत और अनुमानित लागत के बीच अंतर की भरपाई के लिए एडीएफ लगाया जाता है, जबकि एयरपोर्ट के परिचालन में आने वाले खर्च की भरपाई के लिए यूडीएफ लगाया जाता है। डायल का कहना है कि एडीएफ 24 महीने के लिए लागू हुआ था। जब तक यह अवधि पूरी नहीं होती, तब तक यूडीएफ के साथ एडीएफ भी वसूला जाएगा।
हवाई अड्डे के लिए बनाए गए रेग्युलेटर एयरपोर्ट इकॉनॉमिक रेग्युलेटरी अथॉरिटी ने कहा है कि यूजर्स डिवेलपमेंट फीस डायल को ही वसूलना है। कुल मिलाकर डिवेलपमेंट फीस में बढ़ोतरी 346 फीसदी तक होगी। डायल ने लगभग 750 पर्सेंट बढ़ोतरी की मांग की थी। हालांकि यह फीस एयरलाइंस से वसूली जानी है, लेकिन यह तय माना जा रहा है कि वे इसका बोझ पैसेंजरों पर डालेंगी।
सूत्र बता रहे हैं कि इस बढ़ोतरी से दिल्ली एयरपोर्ट एपीएसी क्षेत्र में सबसे खर्चीला हवाईअड्डा हो गया है। हांगकांग और क्वालालंपुर इसकी तुलना में 70 प्रतिशत सस्ते हैं। इंटरनेशनल एयर ट्रांसपोर्ट एसोसिएशन (आईएटीए) ने कहा कि ये दरें आईसीएओ की लागत आधारित शुल्क की नीति का उल्लंघन करती हैं। यात्री संगठनों ने भी बढ़ोतरी के खिलाफ विरोध जताया है।












Click it and Unblock the Notifications