नागपुर में एक और निर्मल बाबा

खास बात यह है कि इनका नाम भी निर्मल बाबा है और अंदाजे-ए-दया निर्मल बाबा की ही तरह है।
टीवी चैनल आजतक द्वारा दिखाई गयी एक रिपोर्ट के अनुसार एक और निर्मल बाबा लोगों को प्रभावित करके उनपर कृपा बरसा रहे है और पूरे नागपुर से लोग उनके पास आने भी शुरू हो गये है। अब आपको बताते चले कि क्या है ये पूरा मामला, अबतक आप निर्मल जीत सिंह नरूला ऊर्फ निर्मल बाबा को और उनके दरबार को ना जाने कितनी बार देखे और सुने होंगे, लेकिन अब इन बाबा के पास भी भक्त अपनी परेशानी और फरियाद लेकर पहुंचते है।
कैसे होते हैं प्रश्न-उत्तर
पहला भक्त - बाबा नागपुर में नया धंधा डालने जा रहा हूं, चलेगा की नहीं?
बाबा- बेटा नागपुर कभी पूरा घूमकर आए हो
भक्त- जी बाबा
बाबा- बेटा पूरा नागपुर घूमकर आओ और पारले जी के बिस्किट खा लो कृपा बनी रहेगी।
दूसरा भक्त- बाबा जी मेरी शादी को 20 साल हो गये है, मुझे कोई बाल बच्चा नहीं है। मुझपर यह कृपया कब होगी?
बाबा- पांच पैकेट वेफर्स लाकर दो पैकेट बच्चों को खिलाओं और बचा आप पति-पत्नी खाओ कृपा हो जाएगी।
तीसरा भक्त- बाबा के चरणों में कोटि कोटि प्रणाम, बाबा मेरा 20 साल का बेटा है पीछले छह महिने से मै आपसे जुड़ी हुई हूं वह नौकरी के लिए इधर-उधर भटक रहा है लेकिन नौकरी नहीं मिलती बाबा प्लीज बताईये मै क्या करू मैं बहुत परेशान हूं बाबा?
बाबा- बेटी आपके अपने घर के अगल-बगल काला कुत्ता देखा है।
भक्त- नहीं बाबा
बाबा- बेटी आपके पीछे वाली गली में काला कुत्ता घूमता है उसको चार रोटी खिलाओं और बेटे को दो भुट्टे खिलाओं आप पर कृपा हो जाएगी।
पढ़ा आपने इस नये निर्मल बाबा के दावों को। चलिये अब इस दरबार की सच्चाई भी अपको बता ही देते हैं। असल में यह कोई बाबा-वाबा नहीं, बल्कि लोगों का निर्मल बाबा के खिलाफ प्रदर्शन करने का नायाब तरीका है।
यह प्रदर्शन नागपुर के अंध श्रद्धा निवारण संस्थान ने "बाबा की पोल खोल दरबार" लगाया है। संस्थान का विश्वास है कि अंधविश्वास और धोखे के खिलाफ लोगो की आंखे खोलने की कोशीश कर रहे है।












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