यूपी: मां ने अपने ही दुधमुंहे बच्चे को जिंदा दफनाया

बुलंदशहर के गांव सैदपुर निवासी किरनपाल परिवार के साथ आदर्श नगर में हरवीर के मकान में किराए पर रहता है। वह मजदूरी कर परिवार का लालन पालन करता है। शादी के बाद उसकी पत्नी अनीता ने पांच बच्चों को जन्म दिया, लेकिन उनमें से किसी को बचाया नहीं जा सका। उसने काफी इलाज कराया, लेकिन फायदा नहीं हुआ। इस पर अनीता की मां हरनंदी ने उसे गाजियाबाद में एक तांत्रिक को दिखाया।
उसकी सास कमला ने भी इलाज के लिए उसे हापुड़ के ही तांत्रिक निजाम को दिखाया और इलाज शुरू कर दिया। इसी बीच छह अप्रैल को अनीता ने अस्पताल में स्वस्थ बेटे को जन्म दिया, लेकिन कुछ दिन बाद ही बच्चा बीमार हो गया। बीमारी की बात उसने तांत्रिक को बताई तो तांत्रिक ने शिशु को जिंदा जमीन में गाड़ने की बात कहते हुए दावा किया कि इसकी बलि देने से अगली बार जन्म लेने वाला बच्चा स्वस्थ होगा। इसके बाद अनीता के पति किरनपाल ने बच्चे को घड़े के अंदर रखकर उसमें सिंदूर आदि डालकर उसे ढककर आटे का लेप कर दिया।
फिर 12 अप्रैल की देर रात को घर के पास ही एक कब्रिस्तान में दबा दिया। दो दिन बाद शनिवार की सुबह बच्चे की रोने की आवाज सुनकर वहां एकत्र हुए लोगों ने नवजात शिशु को जमीन से बाहर निकाला। उसे अस्पताल में भर्ती कराया, जहां उसकी हालत नाजुक बनी हुई है। पुलिस ने बच्चे की मां अनीता को गिरफ्तार कर लिया, तांत्रिक और बच्चे का पिता व अन्य परिजन फरार हो गए। अपर पुलिस अधीक्षक ललित कुमार सिंह का कहना है कि दोषी तांत्रिक सहित अन्य लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।












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