शाही का इस्तीफा मंजूर, वाजपेजी के हाथ भाजपा की कमान

अब तक उत्तर प्रदेश इकाई में उपाध्यक्ष रहे वाजपेयी पिछले कई साल में प्रदेश के पश्चिमी हिस्से से इस पद पर पहुंचने वाले पहले नेता है। वह पहले मंत्री भी रह चुके हैं। मेरठ से निर्वाचित ब्राह्मण बिरादरी के विधायक को भाजपा का प्रदेश अध्यक्ष बनाकर पार्टी ने एक तरह से संदेश दिया है कि वह उच्च जाति के मतदाताओं को अब भी महत्वपूर्ण मानती है।
भाजपा ने हुकुम सिंह को विधायक दल का नेता चुना है। सिंह गुर्जर समुदाय से आने वाले ओबीसी नेता और वह भी पश्चिमी उत्तर प्रदेश से ताल्लुक रखते हैं। वाजपेयी की तरह ही प्रदेश उपाध्यक्ष रहे महेंद्र सिंह को विधान परिषद का टिकट दिया गया है। उत्तर प्रदेश विधानसभा में मजबूती बढ़ाने में भाजपा की विफलता के लिए खुद गडकरी को भी जिम्मेदार माना जा रहा है और प्रदेश इकाई के नेताओं का कहना है कि उन पर अनावश्यक कार्रवाई नहीं की जा सकती।
सूत्रों ने कहा कि गडकरी की उप्र चुनाव में शामिल रहे नेताओं से बैठकों के दौरान शाही ने इस बात पर जोर दिया कि सारी जिम्मेदारी केवल उन पर नहीं डाली जा सकती और यदि उनका इस्तीफा स्वीकार किया जाता है तो उन्हें उचित जिम्मेदारी दी जानी चाहिए। काफी प्रयासों के बाद खुद भी पथरदेवा विधानसभा सीट से चुनाव नहीं जीत सके शाही को राष्ट्रीय कार्यकारिणी में विशेष आमंत्रित सदस्य बनाया गया है।












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