फिर लाटरी ठगी, इस बार पुलिस अधिकारी का पोता फंसा जाल में

इसके बावजूद एक बार हम सावधान कर रहे हैं कि अगर फोन पर लाखों रुपये लाटरी का इनाम निकलने की सूचना दी जाए या फिर आपको लाखों डालर ऑन लाइन लाटरी में इनाम जीते जाने का ईमेल आए तो खुश होने की बजाय सावधान हो जाएं। तय है आप ठगी का शिकार बनने जा रहे हों। फोन करनेवाला कहता है वह नाइजीरिया से फोन कर रहा है। हकीकत में वह देश में ही कहीं से फोन करता है।
ठगों ने फोन कॉल और ईमेल ने पंजाब पुलिस के रिटायर्ड अधिकारी के पोते से पांच करोड़ रुपये की इनामी राशि जीतने का लालच देकर डेढ़ लाख रुपये ठग लिए। नोएडा पुलिस ने मामले की जांच आगरा स्थित साइबर सेल को सौंप दी है। जानकारी के मुताबिक सेक्टर-41 के सी ब्लाक में रहने वाले सिरेंद्र जेटली एक बीमा कंपनी में कंसलटेंट हैं। उनके दादा पंजाब पुलिस के रिटायर्ड अधिकारी हैं। पिछले वर्ष अक्तूबर माह में उनके मोबाइल फोन पर एक कॉल आई।
जिसमें बताया गया कि उन्हें भारतीय मुद्रा में पांच करोड़ रुपये की लाटरी लगी है। यह राशि सेंट्रल बैंक ऑफ नाइजीरिया से रिलीज की जाएगी। फोन करने वाले ने अपना नाम नाइजीरिया निवासी फ्रेड विलियम बताया। लाटरी के बारे में पूछताछ करने के बजाए इनाम के लालच में सिरेंद्र फंस गए और फ्रेड विलियम के झांसे में आ गए। उनके कहने पर उन्होंने एचडीएफसी बैंक के खाते में पहले दस हजार रुपये फिर आईसीआईसीआई बैंक के एक खाते में पंद्रह हजार रुपये जमा कराए।
फ्रेड विलियम ने उनके ईमेल अकाउंट पर जानकारी दी कि नाइजीरिया से पैसा रिलीज कर दिया गया है। भारत में टैक्स व अन्य खर्च के लिए सवा छह लाख रुपये और जमा करने होंगे। इस पर सिरेंद्र ने फ्रेड विलियम को रुपये जमा करने से इंकार कर दिया। कुछ दिन बाद फ्रेड ने केवल सवा लाख रुपये जमा करने के लिए कहा और पांच करोड़ रुपये फौरन रिलीज करने की बात कही। अगर यह रुपये जमा नहीं किया तो पांच करोड़ की राशि आप के नाम पर खत्म हो जाएगी। एक बार फिर सिरेंद्र पांच करोड़ के झांसे में आ गए और पिछले माह रुपये फ्रेड द्वारा बताए गए खाते में जमा कर दिया।
बैंक खाते में रुपये जमा करने के बाद भी पांच करोड़ उनके बैंक खाते में न आने पर उन्होंने विलियम के दिए गए मोबाइल नंबर पर संपर्क किया तो वह बंद आने लगा। इसके बाद उन्हें ठगी का अहसास हुआ। मामले की शिकायत दिल्ली पुलिस से की। दिल्ली पुलिस ने मामला नोएडा का बताते हुए नोएडा पुलिस में रिपोर्ट दर्ज कराने की सलाह दी। इसके बाद सिरेंद्र ने थाना सेक्टर-39 में रिपोर्ट दर्ज कराई। पुलिस उन खातों की जांच कर रही है, जिसमें सिरेंद्र से रुपये जमा कराए गए।












Click it and Unblock the Notifications