'पाकिस्तान दाऊद और सईद को करे भारत के हवाले'

हमारे प्रधानमंत्री उनसे स्पष्ट कहें कि हमको हाफिज सईद और दाऊद इब्रहिम सौपा जाए। भारत इन लोगो के खिलाफ पर्याप्त सबूत दे चुका है, उसके बावजूद पाकिस्तान उनको आश्रय दे रहा है। सईद का मामला पाकिस्तान का ही मामला नहीं, वह कई भारतीयों की हत्या का आरोपी है। सिंह को जरदारी से साफ साफ कहने चाहिए कि पाकिस्तान को भारत के खिलाफ आतंकवाद रोकना होगा।
गौरतलब है कि पाकिस्तान ने आज इच्छा जतायी कि राष्ट्रपति आसिफ अली जरदारी और भारत के प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह की आगामी बैठक रचनात्मक हो लेकिन साथ ही कहा है कि कश्मीर और भरोसेमंद प्रतिरोधक परमाणु क्षमता को बनाए रखने जैसे प्रमुख मुद्दों पर कोई समझौता नहीं होगा। अमेरिका ने कहा कि सईद पर घोषित एक करोड़ डॉलर के इनाम से पाकिस्तान की साथ संबंधो में कोई असर नहीं पड़ेगा।
जरदारी के दौरे पर अमेरिका ने कहा कि राष्ट्रति के दौरे पर इस घोषका का कोई असर नहीं पड़ेगा। अमेरिका इन दोनो की मुलाकात को रचनात्मक कदम मानता है।
जरदारी की इस निजी यात्रा के बारे में प्रधानमंत्री युसूफ रजा गिलानी ने संसद को बताया कि सरकार वार्ता पर सभी संसद सदस्यों को विश्वास में लेगी और वह भारत के साथ कश्मीर समेत सभी कोर मुद्दों पर बातचीत करने के लिए प्रतिबद्ध है।
इस्लामाबाद का कहना है कि आठ अप्रैल को होने वाली इस बैठक से अंतर-क्षेत्रीय शांति को बढ़ावा मिलेगा। नेशनल एसेंबली और सीनेट के संयुक्त सत्र में अपने बयान में गिलानी ने कहा कि हम आपको आश्वस्त करते हैं कि सरकार जिम्मेदार है और उनके (भारत) साथ बातचीत चल रही है। हम सभी कोर मुद्दों, कश्मीर, सियाचीन, जल और अन्य सभी मुद्दों पर बातचीत करेंगे।












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