हरियाणा: झोपड़ी में जिंदा जले दो बच्चे

जयकरण का कहना है कि वह दोनों बच्चों को झोंपड़ी में छोड़कर ईट पाथने के लिए पत्नी के साथ चला गया। काफी देर बाद साथी मजदूरों ने उसकी झोंपड़ी से धुआं उठता देखकर उसे पुकारा। आग लगी देख जयकरण के होश उड़ गए। लोगों की मदद से दोनों बच्चों को मुश्किल से बाहर निकाला गया। जब तक बच्चों को बाहर निकाला गया, तब तक जलने से दो वर्षीय बेटी सरोजा दम तोड़ चुकी थी। पांच वर्षीय बेटे मिंटू की बाद में मौत हुई।
दोनों बच्चों को भिवानी के चौ. बंसीलाल सामान्य अस्पताल में लाया गया, जहां पर 2 वर्षीय बच्ची सरोजा को चिकित्सकों ने मृत घोषित कर दिया। जबकि 5 वर्षीय मासूम चिंटू का शरीर 90 फीसद आग से झुलसने के कारण उसे पीजीआइ रोहतक रेफर कर दिया। पुलिस मामले की तहकीकात में जुटी है। पुलिस ने बताया कि जांच में मामले के हर पहलू को ध्यान में रखा जा रहा है।












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