पाकिस्तानी प्रधानमंत्री जा सकते है जेल!

गिलानी पर राष्ट्रपति के खिलाफ रिश्वत के मामलों को फिर से खोले जाने की अनुमति देने का काफी दबाव है। समाचार पत्र डेली टाइम्स ने पाकिस्तान पीपुल्स पार्टी (पीपीपी) के सूत्रों के हवाले से कहा है कि गिलानी ने पीपीपी के नेतृत्व तथा सत्तारूढ़ गठबंधन में अपने सहयोगियों के साथ विचार-विमर्श के बाद यह निर्णय किया है।
पीपीपी नेतृत्व ने फैसला किया है कि अगर अवमानना मामले में कोई विपरीत स्थिति आती है तो वह सुप्रीम कोर्ट के समक्ष अपना इस्तीफा देंगे। प्रधानमंत्री राष्ट्रपति को छूट के मामले में सरकार के संवैघानिक रूख से अदालत को अवगत कराएंगे। गिलानी ने पीपीपी के शीर्ष नेतृत्व को आश्वस्त किया है कि वह पद से इस्तीफा देने के लिये तैयार हैं लेकिन वह ऐसा कोई कदम नहीं उठाएंगे जिससे उनकी पार्टी तथा उसके नेताओं के प्रति निष्ठा का उल्लंघन होता हो।
रिपोर्ट के मुताबिक गिलानी ने पीपीपी नेतओं से कहा कि उनके लिये निष्ठा तथा प्रतिष्ठा बड़ी चीज है और वह संविधान की प्रतिष्ठता तथा लोकतंत्र के लिये व्यक्तिगत तौर पर शीर्ष अदालत में उपस्थित होकर अपने इस्तीफे की पेशकश करेंगे।
कई महीनों से पाकिस्तान शीर्ष कोर्ट की फटकार झेल रहे पाक प्रधानमंत्री कई बार कोर्ट को यह बात बता चुके हैं कि पाकिस्तान के राष्ट्रपति को पाक संविधान के मुताबिक संरक्षण प्राप्त है, लिहाजा उन पर मुकदमा चलाना या कोई कार्रवाई करना उनके अधिकार क्षेत्र से बाहर है। लेकिन पाक शीर्ष कोर्ट गिलानी पर लगातार पाक राष्ट्रपति आसिफ अली जरदारी के खिलाफ कार्रवाई का दबाव डाल रहा है।












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