सलमान खान की मदद से कैदियों को रिहा करायेंगे राजा भइया

राजा भइया ने कहा कि जेल में जीवन कैसा होता है इसे वह बखूबी जानते हैं क्योंकि उन्होंने 26 महीने जेल में काटे हैं। प्रतापगढ़ के कुंडा से निर्दलीय विधायक चुने गये सिंह ने कहा कि वह जेल मंत्री ही बनना चाहते थे लेकिन उन्होंने अपनी इच्छा कभी भी सपा अध्यक्ष मुलायम ङ्क्षसह यादव से व्यक्त नहीं की। उन्होंने कहा कि यह सुखद बात है कि अखिलेश यादव के मंत्रिमंडल में उन्हें जेल मंत्री बनाया गया। उन्होंने मंत्री बनने के बाद अपनी पहली प्राथमिकता उन कैदियों की रिहाई रखी जो अपनी सजा की मियाद पूरी कर चुके हैं लेकिन जुर्माना अदा नहीं करने के कारण अभी तक जेल में हैं।
राजा भइया ने कहा कि फिल्म अभिनेता सलमान खान ही नहीं वह तो उन सभी स्वयंसेवी संगठनों की मदद लेने और बात करने को तैयार हैं जो इस काम में आगे आयेगा। सलमान खान 'बीईंग ह्यूमन' नाम से स्वयं सेवी संस्था चलाते हैं। संस्था ने कुछ महीने पहले उत्तर प्रदेश की जेलों में अपनी सजा की मियाद पूरा कर चुके लेकिन जुर्माना अदा नहीं करने के कारण अभी तक जेल में ही रहने वाले कैदियों की रिहाई में आर्थिक मदद की पेशकश की थी।
उन्होंने बताया कि राज्य में ऐसे तीन सौ कैदी हैं जिनमें अधिकतर पांच केन्द्रीय जेलों में बंद हैं। ऐसे कैदियों की रिहाई पर करीब पचास लाख रूपये खर्च होंगे। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार की ओर से कैदियों को किये गये जुर्माना को अदा करने का प्रावधान नहीं है इसीलिये वह स्वयंसेवी संस्थाओं से आगे आने की अपील कर रहे हैं। अभिनेता सलमान खान यदि इस मामले में आगे आते हैं तो उन्हें प्रसन्नता होगी।
उन्होंने कहा कि जेल सुधार गृह होता है लेकिन उसे प्रताडऩा गृह बना दिया गया है। बंदियों के साथ राज्य के किसी भी जेल में ठीक व्यवहार नहीं होता। जाड़ों में न तो उन्हें कंबल दिये जाते हैं और न उनके ईलाज का कोई इन्तजाम होता है। कैदियों का खाना भी घटिया ही होता है। राजा भइया ने बरेली जेल में ऐसे ही विचाराधीन कैदी का जिक्र किया और कहा कि जमानत की राशि नहीं जमा करने के कारण उड़ीसा के कालाहांडी के रहने वाले जयराम साबर को 22 साल जेल में काटने पड़े। उसका दोष सिर्फ इतना था कि जमानत की राशि जमा करने के पैसे उसके पास नहीं थे। जयराम साबर की जमानत राशि श्री ङ्क्षसह ने जमा करायी और उसे रिहा कराया। अब वह जेल मंत्री के साथ ही रहता है।
राजा भइया ने कहा कि कैदियों को ज्यादा से ज्यादा दिन तक जेल में ही रहना पड़े इसके लिये षडयंत्र भी होता है। कभी उनके नाम जानबूझकर गलत कर दिये जाते हैं ताकि इसके सत्यापन में समय लगे और जेल में ज्यादा दिन तक रहना पड़े। जेल मंत्री ने कहा कि उनका प्रयास होगा कि कैदियों को उनका पूरा अधिकार मिले और जेलों की सुधार गृह की छवि फिर से कायम हो।












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