इंदिरा के विरोधी किसिंजर ने की इंदिरा की तारीफ

इंडिया टुडे कॉन्क्लेव में अपना वक्तव्य देते हुए, नोबेल पुरस्कार विजेता किसिंजर ने कहा कि भारत और पूर्व सोवियत संघ उस समय तक एक गठबंधन बनाने के करीब थे। यह पश्चिमी पाकिस्तान के संरक्षण के लिए अमेरिका के राष्ट्रीय हित में था। किसिंजर, रणनीतिक समुदाय में व्याप्त उस धारणा पर प्रतिक्रिया जाहिर कर रहे थे, जिसमें यह समझा जाता रहा है कि 1971 के युद्ध के बाद, जिसके कारण पाकिस्तान का विभाजन हुआ और बांग्लादेश अस्तित्व में आया, अमेरिका ने भारत से कहा था कि वह पश्चिमी पाकिस्तान पर हमला न करे। चूंकि भारतीय सेना 4 दिसंबर, 1971 को पूर्वी पाकिस्तान में आगे बढ़ रही थी, लिहाजा उस समय तत्कालीन अमेरिकी राष्ट्रपति निक्सन ने गनबोट कूटनीति को अपनाया और परमाणुयुक्त विमानवाहक पोत, यूएसएस इंटरप्राइज के नेतृत्व में सातवां बेड़ा बंगाल की खाड़ी में भेज दिया। किसिंजर ने कहा कि प्रत्येक पक्ष ने वही किया था, जो उसे करना चाहिए था। प्रत्येक पक्ष ने अपने राष्ट्रीय हित के लिए कार्रवाई की थी, जो संक्षिप्त समय के लिए आपस में टकराए थे। किसिंगर ने इंदिरा गांधी के बारे में अपने उस बहु उद्धृत विचार को बदलकर भारत में कइयों को चकित कर दिया। किसिंजर के ये विचार राष्ट्रपति निक्सन के कार्यकाल के दौरान के व्हाइट हाउस के टेपों का 2005 में खुलासा होने के बाद सार्वजनिक हुए थे। किसिंजर ने कहा कि इंदिरा गांधी के प्रति उनके भीतर सर्वोच्च सम्मान रहा है। उन्होंने कहा कि मैं दबाव में था और वे टिप्पणियां मैंने उस समय के गरमागर्म वातावरण में की थी। लोगों ने उन टिप्पणियों को गलत संदर्भ में लिया।












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