बलात्कारी हत्यारे को मिली फांसी की सजा

गत वर्ष 11 फरवरी के दिन 75 वर्षीय महिला अपने ही घर सांवत खेड़ा में मसीतां वाली सड़क पर सैर के लिए निकली थी। रास्ते में सरसों के खेतों के पास मुजरिम निक्का सिंह ने बदनियती से गुरदेव कौर को सरसों के खेतों की ओर खींच लिया और उसके साथ जबरदस्ती बलात्कार किया। इसके बाद इसी महिला की सलवार से उसका गला घोंटकर व मुंह में उसी की शाल ठुंसकर उसका दम घोंट दिया और उसकी सोने की बाली चुरा ली।
पोस्टमार्टम रिपोर्ट में महिला के शरीर पर जगह-जगह खरोचों के व नीले निशान पाए गए व उसके साथ बलात्कार होने की रिपोर्ट पाई गई। गौरतलब है कि मुजरिम निक्का सिंह आवारा किस्म का लड़का है, उसने पहले भी गांव सांवतखेड़ा की महिलाओं सजना देवी व राजरानी के साथ बलात्कार करने की कोशिश की थी। सारे गांव वालों ने मुजरिम निक्का सिंह के बुरे चरित्र के खिलाफ गवाही दी।
डा. नीलिमा शांगला अतिरिक्त सैशन जज सिरसा ने अपने ऐतिहासिक फैसले में लिखते हुए कहा कि मुजरिम निक्का सिंह का यह कृत्य 'क्रूरतम व जघन्यतम' है जिसके लिए फांसी की सजा मुजरिम के लिए उपयुक्त सजा है। इससे कम सजा देना न्यायसंगत नहीं होगा क्योंकि 22 वर्षीय मुजरिम निक्का सिंह ने अपनी दादी की उम्र की 75 वर्षीय महिला के साथ दिनदहाड़े बलात्कार करके अपनी हवस को पूरा किया व साथ-साथ सबूत मिटाने के लिए उसी महिला की सलवार से गला घोंटकर हत्या कर दी, जो यह दर्शाता है कि निक्का सिंह ने हैवानियत व इंसानियत की सभी हदें तोड़ दी। और उसका समाज में जिंदा रहना समाज के लोगों के लिए बड़ा खतरा बन गया है।
इसलिए इस तरह के 'अमानवीय जघन्यतम' अपराध में निक्का सिंह मुजरिम को फांसी की सजा देना बिल्कुल न्यायपूर्ण होगा, ऐसा मानयीय अदालत डा. नीलिमा शांगला अतिरिक्त सैशन जज, सिरसा ने इस केस के फैसले में कहा। मुजरिम निक्का सिंह को सेंट्रल जेल अम्बाला में फांसी दी जाएगी।












Click it and Unblock the Notifications