जाटों ने सरकार को दिया धोखा, आंदोलन जारी

Jat
हिसार। जाट आरक्षण आंदोलन किसी टीवी सीरियल की तरह उलझता जा रहा है। जहां सरकार बयान दे रही है कि जाट नेताओं से बातचीत सफल रही है और आंदोलन खत्म हो गया है वहीं रविवार को कोर्ट से रिहा हुए जाट नेताओं के बाद घोषणा की गई की आंदोलन जारी रहेगा और शव का अंतिम संस्कार अभी नहीं किया जाएगा। जेल से रिहा करने का आश्वासन भले ही रात को दे दिया गया हो, मगर इन नेताओं की रिहाई के लिए प्रक्रिया सुबह 9 बजे ही शुरू हो गई थी।

इनमें से 27 नेताओं को फतेहाबाद कोर्ट ने और 74 नेताओं को हिसार कोर्ट के आदेशों पर रिहा होना था। दोपहर करीब 2 बजे तक फतेहाबाद कोर्ट के 27 नेताओं को रिहा करने की सारी प्रक्रिया पूरी हो चुकी थी। जबकि शेष 74 नेताओं की रिहाई शाम तक चली। इस सारी प्रक्रिया के प्रशासन ने अतिरिक्त कर्मचारियों की स्पेशल ड्यूटी भी लगाई, मगर संख्या अधिक होने की वजह से प्रक्रिया देर शाम तक पूरी हुई।

जाम से दिनभर परेशान रहा हिसार

नौकरियों में आरक्षण की मांग को लेकर चल रहे आंदोलन में रविवार दिनभर प्रदेश के अधिकांश क्षेत्रों में रोड जाम व ट्रैक जाम की स्थिति रही। हालांकि आंदोलनकारियों के पास रात को ही सरकार और खाप प्रतिनिधियों के बीच हुए फैसले की सूचना पहुंच गई थी, मगर आंदोलनकारी शाम तक इसी बात पर अटके रहे कि जब तक जेल में बंद जाट नेताओं को रिहा नहीं किया जाता, वे न तो संदीप का अंतिम संस्कार करेंगे और न ही सड़क मार्ग और रेलमार्ग के जाम खोलेंगे।

धरनास्थल पर आंदोलनकारियों का नेतृत्व कर रहे जाट नेता सुरेश कौथ ने दावा किया कि कल रात से आज सुबह तक प्रदेश के 8 जिलों के करीब 50 स्थानों पर आंदोलन की आग फैल चुकी है। सुबह करीब दस बजे से ही धरनास्थल पर समुदाय के लोगों का आना शुरू हो चुका था, जबकि अन्य दिनों में समुदाय के लोग 12 बजे तक ही धरनास्थल पर पहुंचते हैं। इस बीच दोपहर 12 बजे तक आंदोलन के चारों अनशनकारी वहां पर पहुंचे और उन्होंने अपने विचार भी आंदोलनकारियों के समक्ष प्रस्तुत किए।

उन्होंने कहा कि समुदाय अपनी खाप पंचायतों को हमेशा से ही सम्मान करते रहे हैं और अब इस मुद्दे पर भी खाप पंचायतें जो फैसला लेगी, उसे सम्मान दिया जाएगा। दूसरी तरफ रोड जाम करने वाले युवाओं ने जाम को जारी रखने की घोषणा की, मगर बाद में उन्हें समिति के लोगों ने समझाया, जिसके बाद उन्होंने खापों के प्रतिनिधियों का सम्मान रखने में सहमति जताई। दूसरी तरफ समझौता होने की घोषणा के बाद प्रशासन ने रोडवेज की बसों को चलाने के लिए तैयार कर दिया था, वहीं रेलवे प्रशासन भी जाट आरक्षण आंदोलन के स्थगित होने की औपचारिक घोषणा को लेकर दिन भर आतुर रहा।

पिछले 4 दिनों से सूना पड़े बस स्टैंड पर सुबह से ही चहल-पहल शुरू हो गई। रेलवे स्टेशन पर कुछ लोग हिसार से भिवानी, रेवाड़ी जाने के लिए टिकट विंडो पर खड़े हो गए। आंदोलनकारियों ने प्रदेश में हिसार, फतेहाबाद, जींद, भिवानी, रोहतक, पानीपत, कुरुक्षेत्र और पलवल जिला शामिल हैं। इनमें अग्रोहा, सरसौद, दनौदा, सुरेवाला चौक, भोजराज, लितानी, पनिहार, मुकलान, धनाना, माजरा प्याऊ, खेड़ी चौपटा, डाबड़ा, भाटला, खेड़ी भाटू की व अन्य गांवों में जाम लगाया गया है।

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