अतिथि अध्यापकों की सेवावधि बढ़ानें की अर्जी खारिज

सरकार ने हाईकोर्ट के आदेश पर अतिथि अध्यापकों का कार्यकाल एक साल के लिए बढ़ा दिया था। सरकार ने माननीय हाईकोर्ट में शपथ पत्र दिया था कि वह 31 दिसंबर, 2011 तक अतिथि अध्यापकों की भर्ती कर देंगे और अप्रैल 2012 से नए टीचर ज्वाइन कर लेंगे, लेकिन सरकार ऐसा नहीं कर सकी। अध्यापकों की भर्ती के लिए ली जाने वाले हरियाणा अध्यापक पात्रता परीक्षा भी सरकार समय पर नहीं ले सकी थी। इसके चलते प्रदेश सरकार ने 16 दिसंबर 2011 को माननीय हाईकोर्ट में अर्जी डालकर अतिथि अध्यापकों का कार्यकाल छह माह तक बढ़ाने की मांग की थी। इस मामले में शुक्रवार को पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट में सुनवाई करते हुए सरकार की मांग को ठुकरा दिया और निर्देश दिए कि अतिथि अध्यापकों का कार्यकाल 31 मार्च 2012 तक ही रहेगा और किसी भी सूरत में इसे आगे नहीं बढ़ाया जाएगा।
हाईकोर्ट ने सरकार द्वारा इस एक साल की अवधि में भर्ती के लिए विज्ञापन तक न निकालने पर भी फटकार लगाई। इस मामले में हरियाणा पात्रता अध्यापक संघ के प्रदेशाध्यक्ष राजेंद्र शर्मा ने कहा कि इस फैसले का स्वागत है और सरकार अविलंब 31 मार्च तक भर्ती प्रक्रिया पूरी करें और लंबित भर्ती सूची के परिणाम जल्द से जल्द जारी करें। पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट ने फतेहाबाद निवासी बिजेंद्र की जनहित याचिका पर सुनवाई करते हुए सरकार से जांच के दौरान फर्जी तरीके से अतिथि अध्यापक लगने वालों तथा उन्हें लगाने वाले अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई न करने पर शिक्षा विभाग को नोटिस जारी किया है। माननीय हाईकोर्ट ने पूछा है कि फर्जी तरीके से अतिथि अध्यापक लगाने वालों के खिलाफ क्या कार्रवाई की गई है।












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