गिलानी ने दिलाया था आतंकी को वीजा

यह सिफारिश पत्र 24 वर्षीय मलिक के पास से जब्त किया गया है। उसने 11 दिसंबर 2011 को पाकिस्तान में प्रशिक्षण लिया था। प्रयोगशाला सहायक के तौर पर काम करने वाला एहतशाम पहले जम्मू कश्मीर के सोपोर में लश्कर से जुड़ा था, दो अन्य आतंकवादियों के साथ उसे 2007 में गिरफ्तार किया गया था।
गिलानी के प्रवक्ता से संपर्क करने पर उसने इस बात से इंकार करते हुए कहा कि आमतौर पर यदि कोई कश्मीरी सिफारिश के लिए साहब के पास आता है तो गिलानी साहब खुद कश्मीरी होने के नाते उसकी सिफारिश करते है। यह किसको मालूम की किसके मन में क्या चल रहा है। लश्कर ए तैयबा ने कश्मीरी युवकों को ट्रेनिंग देना का सिसिला फिर शुरू कर दिया है।












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