परमाणु संयंत्र विरोधी शांति सद्भावना पद यात्रा दिल्ली रवाना
हिसार।
फतेहाबाद के गौरखपुर में लगने वाले न्यूक्लियर पावर प्लांट के विरोध में विदेश प्रतिनिधि दल द्वारा शुरू की शांति सद्भावना पद यात्रा हिसार से दिल्ली के लिए रवाना हो गई। परमाणु संयंत्र विरोधी मोर्चा के को-आर्डिनेटर प्रदीप चौधरी ने बताया कि अणु बिजली परियोजनाएं बड़े पैमाने पर लोगों का विस्थापन करती है जिससे लोगों की जीविका का विनाश होता है। आज कुडनकुलम, जैतापुर, मिठी विर्डी के मछुआरे से लेकर जैतापुर के आम और काजू के उत्पादक व हरियाणा तथा मध्य प्रदेश के किसानों की आजीविका पर सवाल खड़ा हो गया है। id="toptextpromo">भारत
में परमाणु उद्योग का इतिहास बड़ी-छोटी दुर्घटनाओं और सुरक्षा की अनदेखी के अनुभवों से भरा रहा है। परमाणु प्रतिष्ठान असल में न सिर्फ इतने बड़े विस्तार के लिए तैयार नहीं है बल्कि नाकामयाबियों, हादसों, गैर जिम्मेदारी और अलोकतांत्रिक आचरण के पिछले इतिहास के कारण हम इसे लोगों की जान खतरे में डालने के मामले में भरोसा नहीं कर सकते। हमारे देश के सत्ता वर्ग के लोग अपने निहित स्वार्थों और पविकासा की एकांगी अवधारणा के तहतयह खतरनाक परियोजनाएं हम पर थोप रहे हैं। आज देश-विदेश में बड़े हिस्से से आम लोग इस खतरे के खिलाफ उठ खड़े हुए हैं। id='are-slot-1' class='oiad oi-axt oiadv'> id='top-searched-articles'>हमें
उनका साथ हर हाल में देना चाहिए। पदयात्रा में मुख्य रूप से किलारा बैटरेथ अमेरिका, भीख उविची कयोसिता जापान, वपा, भूवनराय नेपाल, सासिकाटो जापान, महावीर त्यागी, जन कल्याणी, रमेश नैन गोरखपुर, अजय श्रीवास्तव, अजय शर्मा, सर्वोदय, नत्थूराम आर्य, कपिल सैनी, सुशील दहिया, जितेंद्र दयाल, अशोक गर्ग, विक्की यादव, दीपक कश्यप, दिनेश जैनव आशीष जैन आदि शामिल थे।











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