कुरान जलाने पर फैला विद्रोह, 15 की मौत

तीन दिन से अलग-अलग प्रांतो में लोगो का विरोध प्रदर्शन जारी है। यह मुठभेड़ पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच हुई थी जिसमें 15 लोग मारे और दर्जानों लोग घायल हुए है। काबुल से लगभग 55 किमी दूर बगराम मे अमेरिकी सैन्य ठिकानों पर मंगलवार को कुराल की प्रपिया जलाने की खबर आने के बाद से विरोध प्रदर्शन शुरू हुआ।
नाटों ने एक कचरे के ट्रक भेजा जिसमें कुरान की प्रतियां थी। इस कचरे को बगदाद के एक गड्ढे में जला दिया गया था, जिसके साथ ही पवित्र कुरान की प्रतियां भी जला दी गयी। उसके बाद जनता और प्रशासन के बीच विद्रोह चल रहा है। अफगानिस्तान के राष्ट्रपति हामिद करजई ने कहां है कि अमेरिका ने मांफी मांगी ली है। उसने यह जानबूझकर नहीं किया है। इस घटना की पूरी जांच होगी।
गौरतलब है कि अफगानिस्तान में कुरान जलाने के मामले पर अमेरिकी रक्षा मंत्री लियोन पेनेटा ने अफगानिस्तान के लोगों से माफी मांगी थी। उन्होंने कहा कि अमेरिकी सेना अफगानिस्तान के धार्मिक कार्यो का सम्मान करती है। इस अनैतिक घटना के से वे काफी शर्मिंदा है, इस मामले पर जो भी जांच होगी हम उसका पूर्ण सहयोग करेंगे।
अफगानिस्तान में तैनात अमेरिकी नाटो कमांडर जॉन आर एलेन ने घटना की जांच करने की घोषणा कर दी है, उनके समर्थन में पेनेटा ने कहा कि जांच शुरू करने के निर्णय का समर्थन करते हुए। तालिबान की ओर से बयान में कहां गया है कि इस घटना ने दुनिया के 1 अरब मुसलमानों की भावनाओं को आहट पहुंचाया गया है।
इस घटना के बाद अमेरीका के खिलाफ अफगानिस्तानी लोगो का प्रदर्शन शुरू हो गया था, जिससे माहौल थोड़ा गरमाता नजर आ रहा था। कुरान की प्रतियां कूड़े के ढेर में पायी गयी थी। नाटों ने इस कचरे के ढ़ेर को अमेरिकी ठीकानों पर भेजा था, जहां इसे जला दिया गया था। इसक बाद से लोगो ने नाटो के खिलाफ प्रदर्शन करना शुरू कर दिया। और अब अमेरिका अपनी गल्ती मानते माफी मांग रहा है।












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