मुंबई के बीएमसी चुनाव में जीते 17 उत्तर भारतीय

कांग्रेस ने 22 उत्तर भारतीयों को प्रत्याशी बनाया था जिसमें से सात रामाशीष गुप्ता, सागर सिंह, गीता आशीष यादव, भोम सिंह राठौड़, अजंता यादव, सुषमा कमलेश राय और अनिता रमेश यादव जीतने में कामयाब हुए। राकांपा ने पांच उत्तर भारतीयों को टिकट दिया जिसमें से एक चंदन शर्मा ही जीत हासिल कर पाए। इसी क्रम में, भाजपा ने नौ उत्तर भारतीयों को टिकट दिया था, जिसमें से चार सुनीता यादव, वीणा जैन, महंत चौबे और ज्ञानमूर्ति शर्मा चुनाव जीते हैं।
‘मराठी माणुस’ की राजनीति करने वाली शिवसेना ने भी दो उत्तर भारतीयों को टिकट दिया। ये दोनों प्रत्याशी अनिल सिंह और संध्या सुनील यादव विजयी हुए। शिवसेना से बगावत कर चुनाव लड़ी उत्तर भारतीय प्रत्याशी लीना हरीश शुक्ला भी निर्दलीय के रूप में जीत हासिल करने में सफल रही हैं। समाजवादी पार्टी से दो उत्तर भारतीय अशरफ आजमी और दिलसाद आजमी मनपा में पहुंचे हैं।
एशिया की सबसे बड़ी, मुंबई महानगर पालिका में पहली बार नारी शक्ति की भागीदारी पुरुषों से ज्यादा हो गई है। यह स्थानीय निकाय चुनाव में महिला आरक्षण 33 से 50 फीसदी करने के कारण हुआ है। इस बार मुंबई मनपा में 115 से ज्यादा महिला नगरसेवक जीत कर आई हैं यानी 227 सदस्यों वाली मनपा में महिलाओं का वर्चस्व होगा।
शिवसेना सुप्रीमो बाला साहब ठाकरे ने मुंबई मनपा चुनाव में शिवसेना-भाजपा की जीत के लिए अरब-अरब धन्यवाद दिया है। पार्टी के मुखपत्र ‘सामना’ में ठाकरे ने लिखा, ‘मेरे पास शब्द नहीं है। यह मराठी और महाराष्ट्र की जीत है।’ उन्होंने लिखा है कि मुख्यमंत्री पृथ्वीराज चव्हाण ने शेखी कहा था कि मुंबई और ठाणे में शिवसेना की शर्मनाक हार होगी और शिवसेना का अस्तित्व खत्म हो जाएगा। मुंबई और ठाणे की जनता ने मुख्यमंत्री को जवाब दे दिया है। इसका श्रेय मैं यहां के लोगों को देता हूं।












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