बूचडख़ाने बंद कराने के लिए हरियाणा में हुए थे बम धमाके
उनका किसी के साथ कोई आतंकी कनेक्शन नहीं है। राजपुरा के सीआइए स्टाफ के प्रभारी एसआइ कुलजिंदर सिंह ने बताया कि उचाना में कई बूचडख़ाने थे। पांचों आरोपी पुराने मित्र थे।
आरोपियों ने बताया कि उन्हें शक था कि बूचडख़ानों में गाय काटने का काम किया जाता है। यही कारण है कि उन्होंने पांच में से तीन बम धमाके बूचडख़ानों में किए थे। बम के लिए सामग्री जुटाने के लिए आरोपियों ने अपने मित्र राजेश का सहयोग लिया। हिमाचल प्रदेश में सड़क निर्माण करने वाले राजेश ने करीब 25 किलो विस्फोटक सामग्री उपलब्ध कराई थी।
उचाना के उदयपुर गांव निवासी प्रवीन कुमार ने बताया कि वर्ष 2009 में किए बम विस्फोट के बाद एक निजी स्कूल में अध्यापन कर रहा था। गिरोह के सरगना उचाना मंडी स्थित छोटूराम कालोनी निवासी सागर सिंह ने बताया कि विस्फोट को अंजाम देने के कुछ महीने बाद अदालत ने उसे भगोड़ा घोषित कर दिया।
इसके बाद उसने राजस्थान में काम करना शुरू कर दिया। बाद में वह हरियाणा से राजस्थान को ईटें सप्लाई करने का काम कर अच्छे पैसे कमाने लगा। उधार ज्यादा होने के कारण सागर के इस धंधे को छोड़कर फिर से हरियाणा में आकर रहना शुरू कर दिया था। जांच अधिकारी के मुताबिक, बीते बुधवार को पांचों आरोपियों ने एक-दूसरे से संपर्क कर मिलने का स्थान तय किया।
पटियाला में ढाबे पर बैठकर जब पांचों पुरानी यादों को ताजा कर रहे थे, उसी दौरान पुलिस के किसी मुखबिर ने सीआइए स्टाफ को सूचना दे दी। पांचों को शनिवार को अदालत में पेश कर उनके पुलिस रिमांड में इजाफे की मांग की जाएगी।













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