बजट सत्र में हरियाणा में आएगा मजबूत लोकायुक्त बिल: संपत सिंह

प्रो. संपत सिंह द्वारा प्रस्तावित संशोधन विधेयक में कहा गया है कि 2002 के एक्ट में लोकायुक्त के पास शक्तियां नहीं होने से लोक सेवाओं में भ्रष्टाचार को नियंत्रित करने और भ्रष्ट राजनेताओं अथवा अधिकारियों को दंडित करने का मूल मकसद ही पूरा नहीं हो पा रहा है। हरियाणा के लोकायुक्त किसी भी जांच के बाद सिर्फ कार्रवाई की सिफारिश कर सकते हैं। प्रस्ताव में कहा गया है कि एक उच्चस्तरीय चयन समिति की अनुशंसा पर राज्यपाल लोकायुक्त की नियुक्ति करे। इस चयन समिति में सुप्रीम कोर्ट के मुख्य न्यायाधीश द्वारा नामित सुप्रीम कोर्ट का एक जज, मुख्यमंत्री, विधानसभा में विपक्ष के नेता, पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट के मुख्य न्यायाधीश और कैग का एक प्रतिनिधि शामिल किया जाना चाहिए।
प्रस्ताव में कहा गया है कि राज्यपाल को सुप्रीम कोर्ट के चीफ जस्टिस की अनुशंसा पर ही लोकायुक्त को हटाने का अधिकार होना चाहिए। प्रस्ताव में कहा गया है कि गलत व्यवहार करने, लोकायुक्त द्वारा कहीं ओर से वेतन लेने, दिवालिया या मानसिक रूप से अस्वस्थ होने की दशा में ही पद से हटाया जाना चाहिए। उन्होंने लोकायुक्त के स्टाफ के खिलाफ शिकायतों की जांच के लिए एक स्वतंत्र शिकायत प्राधिकरण का गठन करने का सुझाव दिया है। कांग्रेस विधायक के इस संशोधन प्रस्ताव में खास बात यह है कि लोकायुक्त को किसी भी भ्रष्टाचार, पद के दुरुपयोग के मामले में स्वयं संज्ञान लेकर कार्रवाई करने का अधिकार दिया जाना चाहिए। साथ ही दोषी को दंडित करने का अधिकार दिए जाने की सिफारिश भी की गई है।












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