आखिर प्रियंका के बच्चे क्यो बनें सेन्टर ऑफ अटरैक्शन?
कांग्रेस की स्टार प्रचारक प्रियंका गांधी जब भी यूपी की सरजमीं पर कदम रखती हैं तो वो मीडिया और लोगों के लिए चर्चा का विषय बन जाती हैं। लोग उनके बोलने से लेकर चलने-फिरने, उठने-बैठने से लेकर हर चीज में दिलचस्पी दिखाते हैं। इसीलिए प्रियंका गांधी ने क्या कहा, इस बारे में कहने से पहले कहा जाता है कि प्रियंका गांधी ने अपनी दादी इंदिरा जी की साड़ी पहनकर यह बयान दिया।
लेकिन उसी प्रियंका गांधी ने गुरूवार को लोगों को बात करने का दूसरा टॉपिक दे दिया और वो है उनके क्यूट बच्चे। अपने दोनों बच्चों रिहान और मिराया के साथ वो रायबरेली के मंच पर नजर आयीं। जिसके बाद से सेन्टर ऑफ अटरैक्शन उनके बच्चे बन गये। चैनल वाले प्रियंका औऱ प्रियंका के बयान को छोड़कर उनके बच्चों की ओर मुड़ गये। लोगों की नजर में भी गांधी परिवार की छठीं पीढ़ी मंच पर खड़ी थी। टीवी स्क्रीन पर मोतीलाल नेहरू से लेकर प्रियंका गांधी वाड्रा तक सारे रिश्ते गिना दिये गये। और तो और सियासी दलों ने भी प्रियंका के बच्चों को लेकर बयानबाजी शुरू कर दी।
जहां कांग्रेसी, प्रियंका के बच्चों के लिए बोल रहे थे, कि वो गांव देखने आये हैं और अपनी मम्मी के साथ वो भी देश को करीब से देख रहे हैं, तो वहीं विरोधियों का कहना था कि प्रियंका देश की बदहाली अपने बच्चों को दिखा रही हैं। जिस तरह से पर्यटक नेशनल पार्क में बच्चों को बाघ दिखाने ले जाते हैं, अंडमान में लोग आदिवासियों को देखने जाते है, उसी तरह प्रियंका भी अपने बच्चों को उत्तरप्रदेश में गरीबों और गरीबी दिखाने आयी हैं और उनको बता रही है कि जो आपको सत्ता का सुख देते हैं, वो ऐसे रहते हैं। वो अपने बच्चों के साथ मिलकर जनता का मजाक उड़ा रही हैं।
लेकिन सोचने वाली बात यह है कि हम स्वतंत्र देश के बाशिंदे हैं, हर किसी को अधिकार है कि वो अपने बच्चों के साथ कहीं भी जाये। प्रियंका गांधी ने भी तो वो ही किया तो फिर इस तरह की बातें क्यों शुरू हो गयी?
लोग चुनावी रैली में अपने पूरे परिवार, दोस्तों के साथ घूम रहे हैं। चाहे वो सपा नेता मुलायम सिंह का परिवार हो या फिर भाजपा नेताओं की फैमिली। चुनाव प्रचार में हर परिवार,हर रिश्ता अपनों के लिए वोट मांग रहा है लेकिन कहीं कोई जिक्र नहीं होता तो फिर आखिर प्रियंका गांधी वाड्रा में ऐसे कौन से सुरखाब के पर लगे हैं जो चर्चा का विषय बन जाते हैं।
कभी उनके पति राबर्ट वाड्रा की बात होती है तो कभी उनके मासूम बच्चों की। गौर करने वाली बात यह है कि प्रियंका गांधी के चुनावी मंच पर उनके बच्चे जरूर थे, लेकिन उन्होंने मंच से भाषण में कहीं भी अपने परिवार और बच्चों का जिक्र नहीं किया। उनकी बातों में केवल कांग्रेस की ही बात थी, जिसके लिए वो कह रही थीं कि अगर प्रदेश में तरक्की चाहिए तो कांग्रेस को वोट कीजिये। अपने भाई राहुल और मां सोनिया का जिक्र भी देश और प्रदेश के कामों के लिए उन्होंने किया ना कि अपने पर्सनल रिश्तो को वो बताने के लिए चुनावी मंच पर खड़ी थीं। तो फिर प्रियंका के बच्चों पर इतना बवाल और चर्चा क्यों? अब जवाब आप दीजिये।













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