भाजपा में अंदरूनी कलह से घबरायीं उमा

सुश्री भारती का यह बयान साबित करता है कि कहीं न कहीं पार्टी के भीतर बसपा को समर्थन दिए जाने की सुगबुगाहट गूंज रही है। इसी सुगबुगाहट की हवा लगने पर उन्होंने पार्टी नेताओं को आगाह किया कि वह इस प्रकार के किसी भी गठबंधन पर विचार न करें।
सुश्री उमा भारती को इन दिनों यह डर सताने लगा है कि चुनाव उपरान्त भाजपा को यदि बहुमत न मिला तो सत्ता पाने के लिए वह बसपा से हाथ मिला सकती है। यह डर उनकी चुनावी सभा में भी दिखायी दिया जब चुनाव सभाओं को सम्बोधित करते हुए भाजपा नेता ने कहा कि पार्टी के नेता लगातार यह बात कह रहे हैं कि भाजपा बसपा को किसी भी तरह से समर्थन नहीं देगी लेकिन अगर चुनाव बाद पार्टी द्वारा उसे (बसपा) को समर्थन दिया गया तो वह गंगा में कूद जायेंगी।
उन्होंने कांग्रेस युवराज राहुल गांधी, सपा अध्यक्ष मुलायम ङ्क्षसह यादव तथा बसपा मुखिया मायावती को कटघरे में खड़ा करते हुए कहा कि देश में 45 वर्षों तक राज करने वाली कांग्रेस में दादी श्रीमती इन्दिरा गांधी से लेकर पौत्र राहुल गांधी तक गरीबी हटाने की बात करते रहे लेकिन गरीबी क्यों नहीं दूर हुई। सुश्री उमा भारती ने कहा कि सपा, बसपा और कांग्रेस चोर-चोर मौसेरे भाई जैसी पार्टियां हैं।
उमा ने कहा कि कांग्रेस नेतृत्व वाली केन्द्र सरकार को सपा और बसपा दोनों समर्थन दे रहे हैं। दिल्ली में दोस्ती और उत्तर प्रदेश में नूराकुश्ती का माहौल जनता को बहकाने का है। उन्होंने कहा कि श्री यादव और सुश्री मायावती के खिलाफ आय से अधिक सम्पत्ति के मामले चल रहे हैं ऐसे में कांग्रेस का समर्थन दोनों ही दलों की मजबूरी है।












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